प्रदेश के कोषागार कर्मियों को अन्य विभागों के मुकाबले कम छुट्टियों के बदले 15 दिन का अतिरिक्त वेतन दिया जाएगा।
हालांकि कर्मचारी एक महीने के अतिरिक्त वेतन की मांग कर रहे थे।
कोषागार निदेशालय ने मांग के मुताबिक ही शासन को प्रस्ताव भेजा था। बहरहाल शासन 15 दिन का अतिरिक्त वेतन देने पर ही राजी हुआ।
कोषागार कर्मियों को अन्य सरकारी कार्यालयों की तरह महीने के दूसरे शनिवार के साथ कई स्थानीय छुट्टियां नहीं मिलती हैं।
वहीं कर्मियों को मिलने वाले राजपत्रित अवकाश में भी 11 दिनों की कमी की जा चुकी है। कुल मिलाकर वर्ष में करीब 26 दिन कर्मचारियों को अतिरिक्त काम करना पड़ता है।
इसके एवज में कर्मचारियों को 375 रुपये मानदेय मिल रहा है। बताया जाता है कि 1970 से मिल रहे इस मानदेय में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई।
कोषागार कर्मचारी महंगाई के आधार पर मानदेय बढ़ाने या एक महीने का अतिरिक्त वेतन देने की मांग कर रहे थे।
कोषागार निदेशालय ने मानदेय बढ़ाने के प्रस्ताव पर विभिन्न वजहों से असहमति जताते हुए कर्मचारियों को एक महीने का अतिरिक्त वेतन देने पर रजामंदी दी थी। निदेशालय की ओर से इस संबंध में शासन को प्रस्ताव भेज दिया गया था।
सूत्रों का कहना है कि वित्त विभाग ने प्रस्ताव का परीक्षण करने के बाद 15 दिन का वेतन देने पर अपनी सहमति दी। बताया जा रहा है कि उच्च स्तर पर अनुमोदन लेने के बाद इस बाबत शासनादेश जारी किया जाएगा।