औचक निरीक्षण पर निकलीं प्रभारी अधिकारी डॉ. रोशन जैकब ने गोमतीनगर स्थित सहारा व मेयो अस्पताल में अतिरिक्त शुल्क वसूली होते हुए पकड़ी।
उन्होंने नोटिस जारी करते हुए निर्देश दिए कि तत्काल शासनादेश के अनुसार ही शुल्क वसूला जाए। ऐसा न करने पर एपेडेमिक एक्ट के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
प्रभारी अधिकारी सबसे पहले गोमतीनगर स्थित सहारा अस्पताल पहुंचीं। यहां बिलिंग काउंटर डिस्चार्ज किए हुए रोगियों के बिल का विवरण देखने पर पता चला कि अस्पताल द्वारा कंसलटेंसी, फार्मा (मेडिसिन), प्रोसिजरल चार्जेस आदि हेड में अतिरिक्त भुगतान कराया जा रहा है।
साथ ही आरटीपीसीआर जांच के लिए भी अधिक शुल्क वसूली होती पायी गई। इसके बाद प्रभारी अधिकारी ने मेयो अस्पताल का दौरा किया।
डिस्चार्ज मरीजों के बिलों से पता चला कि आरटीपीसीआर टेस्ट शासन द्वारा निर्धारित दरों पर ही हो रहा है। हालांकि अस्पताल द्वारा फार्मा चार्जेस (मेडिसिन) और ऑक्सीजन का अतिरिक्त हेड बना कर अतिरिक्त शुल्क रोगियों से लिया जाता पाया गया। इस पर प्रभारी अधिकारी ने यहां भी शासन द्वारा निर्धारित शुल्क ही वसूलने के निर्देश दिए।
दवा वितरण में ढिलाई पर मांगा स्पष्टीकरण
चेतावनियों के बावजूद विभिन्न इलाकों में लगाई गईं टीमें होम आइसोलेशन के मरीजों का ख्याल रखने में ढिलाई बरत रही हैं। इसका खुलासा कॉल सेंटर द्वारा लोगों से की गई पड़ताल में हुआ है। कुल 242 लोगों को की गई कॉल में 42 ने बताया कि उनके पास रैपिड रिस्पॉन्स टीम ने न तो संपर्क किया और न ही उन्हें दवाएं मिलीं। इस पर प्रभारी अधिकारी डॉ. रोशन जैकब ने मुख्य चिकित्साधिकारी को निर्देश दिया कि संबंधित प्रभारी चिकित्साधिकारियों से भ्रामक रिपोर्टिंग किये जाने पर स्पष्टीकरण लें कि क्यों न उनके विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की जाये। साथ ही निर्देश दिए कि संबंधित टीम द्वारा दवाइयों का वितरण आज ही कराना सुनिश्चित किया जाए।