लखनऊ। राजाजीपुरम स्थित रानी लक्ष्मीबाई अस्पताल में हाथ में प्लास्टर चढ़ाने के नाम पर मरीज से रुपये वसूलने का मामला सामने आया है। सोमवार को निरीक्षण करने पहुंचे स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. पवन कुमार अरुण ने खुद मामला पकड़ा। उन्होंने संबंधित कर्मचारी को तत्काल हटाने और वसूली की शिकायतों की जांच के निर्देश दिए।
महानिदेशक करीब 11 बजे अस्पताल पहुंचे थे। नई बिल्डिंग स्थित ऑर्थोपेडिक्स विभाग के प्लास्टर कक्ष में संजयनगर निवासी अनीसा मतीन ने शिकायत की कि हाथ में प्लास्टर चढ़ाने के लिए उनसे रुपये लिए गए, लेकिन रसीद नहीं दी गई। अस्पताल अधीक्षक डॉ. शशांक कुमार के मुताबिक, प्लास्टर चढ़ाने से पहले रसीद देना अनिवार्य है। रसीद नहीं मिलने पर कर्मचारी को हटाया गया है।
करीब एक घंटे के निरीक्षण में अस्पताल की व्यवस्थाओं में कई खामियां मिलीं। स्ट्रेचर का पहिया गायब था, 108 एंबुलेंस की सीट का कवर फटा मिला। एसी भी खराब थी। ईएमटी निर्धारित ड्रेस में नहीं मिले।
महानिदेशक ने नाराजगी जताते हुए संबंधित एजेंसी से शिकायत करने के लिए कहा। उन्होंने सभी जांच की रिपोर्ट ऑनलाइन करने के निर्देश भी दिए। इस दौरान इमरजेंसी, चेस्ट ओपीडी, एक्सरे, अल्ट्रासाउंड कक्ष और दवा स्टोर का निरीक्षण किया। मरीजों से दवाओं की उपलब्धता की जानकारी भी ली।
लोकबंधु अस्पताल का भी निरीक्षण
महानिदेशक ने लोकबंधु अस्पताल में वार्डों, ओपीडी, मेडिसिन काउंटर, दवा स्टोर और ब्लड बैंक की भी व्यवस्थाएं परखीं। अधिकारियों को बेडशीट साफ रखने, व्हीलचेयर और स्ट्रेचर व्यवस्थित रखने तथा जरूरतमंद मरीजों को तत्काल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। एंटी-डी और एफसीएम इंजेक्शन की उपलब्धता, गर्भवती महिलाओं की एएनसी स्क्रीनिंग, ट्रायेज व्यवस्था और मंत्रा एप पर विवरण अपलोड करने की भी समीक्षा की। परिसर और वार्डों में सफाई व्यवस्था दुरुस्त रखने के लिए कहा।