गुडंबा इलाके में विस्फोट की दो बड़ी घटनाओं के बाद रविवार देर रात निलंबित किए गए बेहटा चौकी इंचार्ज ने हादसे में मृत आलम और गांव के चार अन्य लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। अन्य आरोपियों में मृत आलम का भतीजे शेरू, शोएब और गांव के रहने वाले टीनू और उसके भाई अली अहमद हैं।
सभी आरोपियों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या, गैर इरादतन हत्या के प्रयास और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम 1908 की धारा 3, 4 और 5 के तहत गुडंबा थाने में केस दर्ज किया गया है। डीसीपी पूर्वी शशांक सिंह ने बताया कि रविवार को हुए हादसे में आलम की मौत हो चुकी है। अन्य आरोपी रविवार की घटना के बाद से भागे हुए हैं। आरोपियों की तलाश में पुलिस टीमें लगाई गई हैं।
दरोगा (निलंबित बेहटा चौकी इंचार्ज) ने अपनी तहरीर में इस बात का जिक्र किया है कि आलम और अन्य आरोपी अवैध रूप से पटाखे बना रहे थे और उसका भंडारण भी कर रहे थे। उनके पास इसका कोई लाइसेंसी नहीं था। पुलिस ने नामजद आरोपियों को विस्फोट की घटनाओं का जिम्मेदार बताया है।
गुडंबा के बेहटा निवासी आलम के घर में विस्फोट की घटना की विस्तृत जांच के लिए डीसीपी ने एक कमेटी गठित की है। इस कमेटी को विस्फोट से जुड़े सभी पहलुओं पर जांच कर अपनी रिपोर्ट देनी होगी। डीसीपी पूर्वी शशांक सिंह ने बताया कि बेहटा व सेमरा गांव में हुए विस्फोट की घटनाओं की जांच के लिए एडीसीपी पूर्वी पंकज सिंह, एसीपी गाजीपुर ए. विक्रम सिंह और इंस्पेक्टर गुडंबा प्रभातेष कुमार श्रीवास्तव की संयुक्त कमेटी गठित की गई है। कमेटी को विभिन्न बिंदुओं पर जांच करके रिपोर्ट देने के लिए कहा गया है। जैसे कि हादसे के पीछे क्या वजह थी? वहां के लोगों से बातचीत और पूरे घटनाक्रम का पूरा विवरण। कमेटी को जल्द से जल्द जांच पूरी करने के लिए कहा गया है।
निलंबित चौकी इंचार्ज व सिपाही के खिलाफ भी होगी जांच
डीसीपी ने बताया कि घटना के बाद चौकी इंचार्ज बेहटा संतोष पटेल और बीट सिपाही धर्मेश चाहर कोे निलंबित किया गया है। एडीसीपी पूर्वी पंकज सिंह को इन दोनों की भूमिका जांच के आदेश दिए गए हैं। जांच ये में ये पता लगाया जाएगा कि क्या दोनों पुलिस वालों को पटाखों के अवैध निर्माण व भंडारण के बारे में कोई जानकारी थी? यदि जानकारी थी तो दोनों ने क्या कार्रवाई की थी?
बेहटा गांव में रविवार सुबह हुए विस्फोट में मारे गए दंपती आलम व मुन्नी का सोमवार को पोस्टमार्टम हुआ। शाम के वक्त दोनों को गांव के कब्रिस्तान में दफनाया गया। पोस्टमार्टम हाउस पर आलम के साले रिजवान ही मौजूद थे। उन्होंने कुछ भी बोलने से मना कर दिया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में आलम व मुन्नी के शरीर पर काफी बर्न इंजरी मिली है। दोनों के शरीर पर जगह-जगह चोट के निशान थे। पोस्टमार्टम के बाद शाम को दोनों के शव को परिजनों के हवाले कर दिए गए। परिवार के कुछ लोगों ने बेहटा गांव में दोनों को सुपुर्द-ए-खाक किया।
नदीम और इरशाद की हालत बेहद गंभीर
विस्फोट में घायल हुए आलम के बेटे इरशाद और पड़ोसी नदीम की हालत लगातार चिंताजनक बनी हुई है। दोनों का ट्रामा सेंटर में इलाज चल रहा है। डॉक्टरों के अनुसार इरशाद का शरीर 90 से 95 फीसदी और नदीम का 40 से 45 फीसदी तक जला हुआ है।