जेल में बंद किसानों से वसूली व उत्पीड़न के आरोप मे हटाए गए जेलर अरुण मिश्रा की मुश्किलें बढ़ती ही जा रही हैं। जिला जेल में तैनात एक महिला अधिकारी ने भी बुधवार को डीजी आनंद कुमार से मुलाकात कर जेलर अरुण मिश्रा द्वारा अभद्रता व उत्पीड़न किए जाने का आरोप लगाते हुए शिकायत की है। डीजी ने जांच के आदेश दिए हैं।
महिला अधिकारी ने डीजी को दिए शिकायती पत्र में आरोप लगाया है कि आवश्यक दस्तावेजों पर हस्ताक्षर कराने के लिए जेलर अरूण मिश्रा के पास जाने पर वह उसे कमरे में बैठा लेते थे और उससे अभद्र बातें करते थे। पीड़िता का आरोप है कि जेल में दो महिला अधिकारी की तैनाती होने के बावजूद आए दिन उसकी ड्यूटी ही रात में लगाते थे।
जब भी उसने इसका विरोध करने का प्रयास किया तो कार्रवाई करने की धमकी देते थे। आरोप है कि पीड़ित महिला अधिकारी 10 सितम्बर को अवकाश पर थी, इसके बाद भी उसकी ड्यूटी लगा दी गई। इतना ही नहीं, मामला जेल अधीक्षक आशीष तिवारी तक पहुंचा तो जेलर महिला को अर्दब में लेकर उससे अभद्र भाषा का प्रयोग किया।
मानसिक रूप से किया गया प्रताड़ित
महिला अधिकारी ने जेलर पर आरोप लगाया है कि एक साथ कई कामों की जिम्मेदारी देकर उसका मानसिक उत्पीड़न भी किया गया। जेलर पर कई दस्तावेज के गायब करने का भी आरोप महिला अधिकारी ने लगाया है। वहीं जेल में बंद किसानों से वसूली व उत्पीड़न के आरोप मे हटाए गए जेलर अरुण मिश्रा को अब मिर्जापुर जेल भेजा गया है।
हालांकि बुधवार को कारागार मुख्यालय ने लिपिकीय त्रुटि बताते हुए जेलर के तबादले के संबंध में संशोधित आदेश जारी करते हुये मिर्जापुर भेजा है। बुधवार की शाम जेलर अरुण मिश्रा जिला जेल से कार्यमुक्त हो गए। जेल सूत्रों के मुताबिक, मऊ जेलर का गृह जनपद होने के कारण उन्हें मिर्जापुर जेल भेजा गया है।
जेलर अरुण मिश्रा के खिलाफ महिला जेल अधिकारी ने बुधवार को मुख्यालय पर आकर शिकायत की है। मामले की जांच कराएंगे। जांच मे दोषी पाए जाने पर जेलर के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जायेगी। - आनन्द कुमार, डीजी जेल