लखनऊ। लखनऊ विश्वविद्यालय के विधि संकाय में सोमवार को विभागीय व्याख्यान शृंखला के तहत तर्कशास्त्र का परिचय विषय पर विशेष व्याख्यान आयोजित किया गया। इसमें दर्शनशास्त्र विभाग के प्रो. प्रशांत शुक्ल ने विद्यार्थियों को तार्किक चिंतन के मूल सिद्धांतों की जानकारी दी।उन्होंने बताया कि किसी तर्क का प्रभावशाली दिखाई देना और उसका तार्किक रूप से सही होना दो अलग बातें हैं। उन्होंने कहा कि किसी तर्क की वैधता इस बात पर निर्भर करती है कि उसकी आधारभूत मान्यताएं निष्कर्ष का समर्थन करती हैं या नहीं। प्रो. शुक्ल ने कानूनी शोध, न्यायिक विश्लेषण और न्यायालयीन बहस में तार्किक सोच को महत्वपूर्ण बताया। इस दौरान विधि संकाय के अधिष्ठाता प्रो. आरके वर्मा, डॉ. चंद्र सेन प्रताप सिंह सहित शिक्षक और विद्यार्थी मौजूद रहे।