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तीन लाख एक्सपायरी सहित 27 लाख का स्टाक सीज, 24 नमूने जांच को

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तीन लाख एक्सपायरी समेत 27 लाख का स्टॉक सीज
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लखनऊ। एक्सपायरी हो चुके फ्रूट जूस, सॉस व सूप को तारीख बदल नई पैकिंग में बेचने का खेल कर रही हिमालयन इंटरप्राइजेज फर्म से 27 लाख कीमत का स्टॉक कार्रवाई के बाद सीज किया गया। चौंकाने वाले बात यह रही कि इसमें तीन लाख कीमत का एक्सपायरी डेट का जूस व अन्य सामग्री भी शामिल थीं। दो दिन तक चली जांच के बाद एफएसडीए टीम ने फर्म द्वारा सप्लाई किए जा रहे विभिन्न श्रेणी के 17 उत्पादों के 24 नमूने जांच को लैब भेजे हैं। साथ ही बिना लाइसेंस व फूड पंजीयन के सप्लाई कार्य से जुड़ी फर्म पर भी नमूनों की लैब जांच रिपोर्ट आने तक ताला लगा इसका संचालन पूरी तरह बंद करा दिया गया। यह जानकारी अभिहीत अधिकारी एसएसएच आब्दी ने दी।
उन्होंने बताया कि शहर में लगातार घटिया गुणवत्ता के जूस व सॉस की सप्लाई की शिकायत के बाद जानकीपुरम टेढ़ीपुलिया के समीप हिमालयन इंटरप्राइजेज के नाम से संचालित सप्लाई फर्म पर पुलिस के साथ छापेमारी की गई थी। कार्रवाई टीम की अगुवाई कर रहे मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी एसके मिश्रा ने बताया कि शुरूआती जांच में सामने आया है कि फर्म का संचालन बिना फूड लाइसेंस व पंजीयन के हो रहा था। फर्म संचालक प्रवीण वर्मा के इशारे पर एक्सपायरी हो चुके फ्रूट जूस को भी पैकिंग के लेवल बदल कर नई पैकिंग डेट के साथ बाजारों में खपाया जा रहा था। इससे आम लोगों की सेहत दांव पर लगाई जा रही थी। फर्नीचर की दुकान की आड़ में फर्म द्वारा संचालित हो रहा पैक्ड जूस सॉस व सूप सप्लाई के धंधे में 17 से अधिक आइटम बाजार में खपाए जा रहे थे। दुकान में मौजूद सप्लाई स्टाक की बड़ी मात्रा को देखते हुए शुक्रवार शाम चार बजे से शुरू हुई कार्रवाई देर रात 11 बजे तक चली। शनिवार को टीम में शामिल 20 एफएसओ ने फर्म पर पहुंचकर सीज करने की कार्रवाई की।
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एक्सपायरी डेट मिटाने वाला फ्लूड भी मिला
सीएसएफओ ने बताया कि कार्रवाई के दौरान दुकान के स्टोर कक्ष में पैकेजिंग में इस्तेमाल आने वाले बेतरतीब फैले रैपर के साथ ही एक्सपायरी डेट मिटाने में इस्तेमाल हो रहे फ्लूड के साथ नई पैकेजिंग डेट रैपर पर डालने वाली स्टैंप भी बरामद हुई। पूछतांछ में सामने आया कि फर्म संचालक के इशारे पर दुकान के स्टोर कक्ष में एक्सपायरी डेट के स्टॉक को लाकर इसके रैपर को हटाया जाता था। नया रैपर चस्पा कर इसमें एक साल आगे की पैकेजिंग व एक्सपायरी डेट स्टैंप से दर्ज कर सप्लाई में भेज दिया जाता था।
शिमला से पैकिंग, बाजार व रेलवे में सप्लाई
फर्म संचालक ने बताया कि सप्लाई किए जाने वाला फ्रूट जूस शिमला स्थित कंपनी की फैक्ट्री से पैक होता था। हिमालयन इंटरप्राइजेज फर्म पूरे प्रदेश में इसकी सप्लाई के लिए बतौर सुपर स्टॉकिस्ट कार्य करती थी। खुले बाजार के साथ ही घटिया जूस की सप्लाई रेलवे की पैन्ट्रीकार के लिए भी होती थी।
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पांच लाख जुर्माना संग जेल तक का प्रावधान
सीएफएसओ ने बताया कि आरोपी फर्म के संचालक के खिलाफ एसीजेएम कोर्ट में और सुरक्षित श्रेणी में नमूना फेल रिपोर्ट पर एफएसडीए के एडीएम सिटी पूर्वी की कोर्ट में केस दर्ज होगा। असुरक्षित श्रेणी में नमूना फेल आने पर एक्ट के तहत आरोपी पर पांच लाख तक जुर्माना समेत छह माह की जेल का प्रावधान है।
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