फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कहीं भेड़िए के साथ क्रॉस से तो नहीं बनी आदमखोर कुत्तों की ये नई प्रजाति ,विशेषज्ञ दे रहे हैं ये तर्क

Thu, 10 May 2018 09:10 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीतापुर
विज्ञापन
पड़ताल करते लखनऊ व बरेली के एक्सपर्ट। - फोटो : amar ujala
विज्ञापन

बच्चों पर हमलाकर उनको निवाला बनाने वाले आदमखोर कुत्तों की नस्ल जानने के लिए बुधवार को बरेली व लखनऊ से विशेषज्ञों की टीम खैराबाद पहुंची। इस दौरान खैराबाद क्षेत्र में ही घटनास्थल देखे, पकड़े गए कुत्तों का डीएनए सैंपल लिया और पीड़ित परिवारों से पूछताछ भी की। टीम का कहना है कि ये कुत्ते हैं, या जंगली जानवर हैं या फिर कोई नई नस्ल, इस संबंध में शोध चल रहा है। जांच के बाद ही कुछ स्पष्ट कहा जा सकेगा। हालांकि टीमें अभी तक हुए हमलों को कुत्ते के हमले ही मानकर चल रही हैं।

विज्ञापन


बरेली के भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान केंद्र के प्रधान वैज्ञानिक डॉ. दिनेश चंद्र, डॉ. डीके सिंह, डॉ. कलीकरन, डॉ. विशाल चंद्र व लखनऊ के एक्सपर्ट डॉ. विकास सिंह बुधवार को सीतापुर पहुंचे। जिसके बाद एक्सपर्ट टीम नगर पालिका कर्मचारियों के साथ कर्बला मेला मैदान पहुंची। यहां पर बाग व कई स्थानों पर कुत्तों के संबंध में पड़ताल की। कुत्तों को ट्रैंक्युलाइज करने वाला स्थान देखा। इस दौरान टीम ने वे स्थान भी देखे जहां पर ग्रामीणों ने कुत्तों को मार डाला था। टीम ने मौके से सैंपल सुरक्षित किए। इसके बाद टीम खैराबाद नगर पालिका पहुंची, यहां पर पिंजडे़ में कैद कुत्तों को हावभाव देखा।

इसके बाद पकड़े गए कुत्तों के सैंपल लिए। प्रधान वैज्ञानिक डॉ. दिनेश चंद्र ने बताया कि प्रयास यह है कि उन कुत्तों का डीएनए सैंपल मिल जाए जो हमला कर रहे हैं। ताकि इस बात का पता लगाया जा सके कि हमला करने वाले कुत्ते किस प्रजाति के हैं। यह भी पता लगाना है कि हमला करने वाले कुत्ते हैं या फिर भेड़िया।
विज्ञापन


वहीं, यह भी पता लगाने पर जोर दिया जा रहा है कि कहीं भेड़िया व कुत्तों के क्रास से नई प्रजाति ने तो जन्म नहीं ले ली है। उन्होंने बताया कि फौरी तौर पर कोई नतीजा बता देना जल्दबाजी होगी। इसलिए जांच की जा रही है। जांच की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही कुछ स्पष्ट कहा जा सकेगा।

जांच में यह पेंच भी फंसा, जरूरी नहीं कि ये वो ही कुत्ते हों...

लखनऊ नगर निगम द्वारा पकड़े गए कुत्ते। - फोटो : amar ujala
बरेली से आए पशु वैज्ञानिकों ने बताया कि जो कुत्ते पकड़े गए हैं, ये संदेह के आधार पर पकड़े गए हैं। जरूरी नहीं के ये वही कुत्ते हों, जिन्होंने बच्चों पर हमला किया और मार डाला। इन कुत्तों का सैंपल तो लिया गया है, अगर ये कुत्ते उस झुंड के नहीं हैं, तो जांच प्रक्रिया में साधारण ही नस्ल निकलेगी, इससे जांच पुख्ता नहीं हो सकेगी। इंतजार किया जा रहा है, कि ऐसे कुत्तों का सैंपल मिल जाए, जिन्होंने बच्चों पर हमला किया हो। उन कुत्तों के सैंपल मिलने के बाद ही डीएनए टेस्ट हो सकेगा और उनकी प्रजाति का पता चल सकेगा।

जंगली कुत्तों पर संशय, लेकिन वह प्रजाति आई कहां से
टीम के वैज्ञानिकों का कहना है कि यह भी हो सकता है कि आबादी में जंगली कुत्ते आ गए। जिसके बाद उन्हीं कुत्तों ने बच्चों पर हमला बोला। लेकिन वैज्ञानिकों के दावों को अगर सही माना जाए तो यह जांच का विषय है कि आखिर इस जिले में इतने बड़े जंगल हैं ही नहीं जिसमें जंगली कुत्ते मौजूद हों। ऐसे में ये कुत्ते कहां से आ गए, इस बात की भी जांच करने की जरूरत पड़ेगी।

'इस कुत्ते की शारीरिक बनावट आम कुत्तों से अलग'

कुत्तों के खून के निशान एकत्र करते एक्सपर्ट। - फोटो : amar ujala
वैज्ञानिक व एक्सपर्ट की टीमें खैराबाद पहुंच चुकी थीं, ऐसे में टीम के सदस्यों को आदमखोर कुत्तों की तलाश थी। जिसकी वजह से टीम कर्बला पुरवा मैदान में पहुंची। यहां पर टीम ने मैदान से लेकर बाग तक खोजबीन की, लेकिन कहीं भी कुत्ते नजर नहीं आए। इस दौरान क्षेत्र के बाशिंदे, मोबीन, मेराज, पप्पू, बबलू आदि मौजूद थे। उन लोगों ने बताया कि कुछ समय पहले कुत्ते इसी बाग में आराम करते थे, लेकिन आजकल वे कुत्ते नजर नहीं आ रहे हैं।

हालांकि टीम ने करीब एक घंटे तक जांच की, जिसके बाद एक कुत्ता उधर से भागता हुआ नजर आया। टीम के सदस्यों ने उस कुत्ते की वीडियो फुटेज तैयार की और फोटो भी लिया। इस दौरान वैज्ञानिकों ने बताया कि इस कुत्ते की शारीरिक बनावट आम कुत्तों से अलग है। हो सकता है कि यह कुत्ता उसी ग्रुप का सदस्य हो, जो बच्चों पर हमला कर रहा है।

हमलों का तरीका जानने को देखेंगे पोस्टमार्टम रिपोर्ट
बरेली से आई वैज्ञानिकों की टीम इस बात पर जोर दे रही थी कि कुत्तों के हमलों में मारे गए बच्चों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट देखने को मिल जाए। इस संबंध में वैज्ञानिकों ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से भी संपर्क साधा। हालांकि इस दौरान टीम को पोस्टमार्टम रिपोर्ट नहीं मिल सकी।

मछरेहटा में कुत्तों के हमले में एक मासूम जख्मी

कुत्तों के हमले में घायल हुआ अभिषेक। - फोटो : amar ujala
हिंसक कुत्तों के आतंक का दायरा बढ़ता जा रहा है। खैराबाद, तालगांव व शहर कोतवाली के बाद अब नरभक्षी कुत्तों ने मछरेहटा इलाके में आमद दर्ज कराई है। बुधवार को खेत गए एक मासूम बच्चे पर आदमखोर कुत्तों ने हमला कर दिया। चीख-पुकार सुनकर बच्चे के बाबा व अन्य किसान लाठी-डंडे लेकर पहुंच गए और कुत्तों के झुंड को खदेड़ा। बच्चे की जान तो बच गई लेकिन कुत्तों के हमले से वह बुरी तरह जख्मी हो गया है। उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

मछरेहटा थाना इलाके में गुरैनी निवासी शिवनरायन बुधवार शाम करीब 4 बजे खेत जा रहे थे। शिवनरायन के साथ उनका 9 साल का पोता अभिषेक भी खेत चला गया। खेत में गन्ने की सिंचाई चल रही थी। शिवनरायन सिंचाई में व्यस्त हो गया जबकि अभिषेक वहीं खेलने लगा। इसी बीच कुत्तों के एक झुंड ने अभिषेक पर हमला कर दिया।

अभिषेक की चीख सुनकर शिवनरायन के अलावा आसपास खेतों में काम कर रहे दूसरे किसान भी लाठी-डंडे लेकर मौके की ओर दौड़ पड़े। शिवनरायन के मुताबिक, कुत्तों का झुंड बुरी तरह से मासूम अभिषेक को नोंच रहा था। किसान जब कुत्तों के झुंड पर लाठियां लेकर टूट पड़े तक वह अभिषेक को छोड़कर भाग खड़े हुए। कुत्तों के हमले से अभिषेक बुरी तरह लहूलुहान हो गया।
विज्ञापन

किसी जानवर की हत्या में प्रशासन शामिल नहीं : डीएम

कुत्तों को देखने के लिए मची होड़। - फोटो : amar ujala
वहीं, सीतापुर की जिलाधिकारी शीतल वर्मा ने किसी भी जानवर की हत्या व पशु उत्पीड़न में प्रशासन के शामिल नही होने की बात कही है। जन सामान्य से भी डीएम ने कुत्तों की हत्या न करने की अपील की है। डीएम ने जारी एक बयान में हिंसक कुत्तों के हमलों की रोकथाम के लिए प्रशासन की ओर से किए जा रहे प्रयासों की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि हमलावर कुत्तों के ठिकानों का पता लगाने और बच्चों पर हमलों को रोकने के हरसंभव उपाय अपनाए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि संबंधित कानूनों और माननीय सर्वोच्च न्यायालय के फैसलों के उचित अनुपालन के साथ जिला प्रशासन द्वारा किए जा रहे प्रयासों को देखने के लिए सभी पशु कल्याण संगठनों और पशु प्रेमियों, कार्यकर्ताओं को सीतापुर में आमंत्रित किया जाता है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें