लखनऊ। पीजीआई के फिजिकल मेडिसिन एंड रिहैबिलिटेशन (पीएमआर) विभाग ने एपेक्स ट्रॉमा सेंटर में विश्व हेड इंजरी दिवस के अवसर पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। इसमें ट्रॉमैटिक ब्रेन इंजरी (टीबीआई) के मरीजों और उनके देखभाल में पुनर्वास की भूमिका के प्रति जागरूक किया गया।
कार्यक्रम में टीबीआई से उबर चुके मरीजों, उनके परिजनों और स्वास्थ्यकर्मियों की सक्रिय भागीदारी रही। विशेषज्ञों ने बताया कि प्रारंभिक और व्यवस्थित पुनर्वास से मरीजों की कार्यक्षमता और जीवन की गुणवत्ता में काफी सुधार संभव है। इस दौरान चेस्ट फिजियोथेरेपी, फिजियोथेरेपी व व्यावसायिक थेरेपी के महत्व पर प्रकाश डाला गया। साथ ही पोषण संबंधी सहायता और व्यावहारिक व भावनात्मक समस्याओं के प्रबंधन के बारे में भी जानकारी दी गई।
डॉ. अरुण श्रीवास्तव ने शीघ्र हस्तक्षेप और बहु-विषयक उपचार की पर जोर दिया। कार्यक्रम की शुरुआत डॉ. सिद्धार्थ राय के संबोधन से हुई, जिन्होंने सिर की चोटों के बढ़ते मामलों पर चिंता जताई। इंटरैक्टिव सत्र में प्रतिभागियों ने अपनी समस्याएं साझा कीं और विशेषज्ञों से समाधान प्राप्त किया। कार्यक्रम के माध्यम से सिर की चोट की रोकथाम, समय पर उपचार और समग्र पुनर्वास के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया गया। इस मौके पर रैली भी निकाली गई।