शनिवार 18 मार्च को यूपी के मुख्यमंत्री की घोषणा होने के बाद सबकी नजरें 19 को होने वाले शपथग्रहण समारोह पर होंगी। मुख्यमंत्री के बाद कौन होंगे सरकार के मंत्री, इस सस्पेंस से भी पर्दा हटेगा।
लालबत्ती पाने की चाहत में भाजपा ही नहीं, बल्कि उसके सहयोगी अपना दल और भारतीय समाज पार्टी से जीते विधायक भी आस लगाए हुए हैं। माना जा रहा है कि मंत्रिमंडल में अति पिछड़ी जातियों मौर्य, पासी, लोध व अन्य जातियों के विधायक ज्यादा जगह पाएंगे।
वहीं ब्राह्मण, ठाकुर, वैश्य, कायस्थ, जाट जाति के विधायक भी मंत्री बनाए जाएंगे। दलित वर्ग में जाटव विधायक के साथ कोरी, वाल्मिकि जाति से भी मंत्री बनाए जा सकते हैं।
आगे हैं कुछ दावेदार जिन्हें सरकार में मंत्री पद दिया जा सकता है...
मौर्या को मिल सकती है लालबत्ती
स्वामी प्रसाद मौर्य
स्वामी प्रसाद मौर्या
बीएसपी से बगावत कर बीजेपी में शामिल हुए स्वामी प्रसाद मौर्य को पडरौना से चौथी बार जीत मिली है। मौर्या बसपा सरकार में भी मंत्री रह चुके हैं और पिछड़ी जाति से हैं।
रीता बहुगुणा जोशी
कांग्रेस छोड़ बीजेपी में शामिल हुई रीता बहुगुणा जोशी भी मंत्री पद की प्रबल दावेदार हैं। रीता ने लखनऊ कैंट से मुलायम सिंह यादव की छोटी बहू अपर्णा यादव को हराकर बीजेपी में अपना जलवा कायम किया है।
गरिमा सिंह
कांग्रेस के गढ़ अमेठी में जीत का परचम लहराने वाली गरिमा सिंह ने सपा के मंत्री गायत्री प्रजापति को करारी मात दी है। गारिमा संजय सिंह की पहली पत्नी हैं और उनकी दूसरी पत्नी अमीता भी इस चुनावी मुकाबले में थीं। गरिमा ने उनको चौथे नंबर पर पहुंचा दिया।
महिलाओं की होगी दावेदारी
रानी पक्षालिका सिंह
रानी पक्षालिका सिंह
मुलायम सिंह के प्रत्याशियों की लिस्ट में जगह बनाने वाली रानी पक्षालिका सिंह ने पति अरिदमन सिंह के साथ भाजपा ज्वाइन की थी और बाह सीट से बाजी मारी। पक्षालिका के पति अरिदमन सिंह तीन बार विधायक और मंत्री रह चुके हैं।
गुलाब देवी
संभल के चंदौसी विधानसभा सीट से बीजेपी प्रत्याशी गुलाब देवी ने सपा प्रत्याशी लक्ष्मी गौतम को करारी हार दी है। वह कल्याण सिंह सरकार में राज्यमंत्री रह चुकी हैं और दलित बिरादरी से आती हैं।
रजनी तिवारी
बसपा से बगावत के बाद रजनी तिवारी भाजपा में शामिल हुईं और पार्टी की उम्मीद पर खरी उतरीं। हरदोई की शाहाबाद सीट से वह दूसरी बार विजयी रहीं।
अर्चना पांडेय
कन्नौज की छिबराम सीट से विधायक बनी अर्चना पांडेय पूर्व मंत्री रामप्रकाश त्रिपाठी की बेटी हैं। वह पहली बार विधायक बनीं है।
हृदय नारायण दीक्षित
हृदयनारायण दीक्षित
पार्टी के मुख्य प्रवक्ता व भगवंत नगर से जीते हृदय नारायण दीक्षित को मंत्रिपरिषद में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी जा सकती है। चर्चा यह भी है कि उन्हें विधानसभा का अध्यक्ष बनाया जाएगा। लेकिन सूत्रों का कहना है कि विधानसभा अध्यक्ष किसी और को बनाकर दीक्षित को संसदीय कार्यमंत्री का दायित्व देकर सदन संभालने की जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है।
अलका राय
मुख्तार के बड़े भाई सिगबतुल्ला अंसारी को हराकर जीती दिवंगत कृष्णानंद राय की पत्नी अलका राय को भी मंत्री पद मिलने की उम्मीद है।
कृष्णा पासवान
फतेहपुर की खागा विधानसभा सीट से लगातार तीसरी बार विधायक बनी कृष्णा पासवान पासी बिरादरी से हैं। तेज तर्रार छवि वाली कृष्णा पासवान का सरकार में मंत्री बनने की संभावना है।
इनका भी मंत्री बनना तय
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सतीश महाना
कानपुर की महाराजपुर से चुने गए सतीश महाना को अमित शाह का करीबी माना जाता है। महाना का अनुभव, कार्य और जाति को देखते हुए उन्हें लाल बत्ती मिलना लगभग तय है।
संगीत सोम
विधायक संगीत सोम सरधना सीट से दूसरी बार चुनाव जीते हैं। वह राजपूत जाति से आते हैं और इस बार उनका मंत्री बनना तय माना जा रहा है।
इनकी दावेदारी भी प्रबल
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- फोटो : अमर उजाला
सूर्य प्रताप शाही, धर्मपाल सिंह, सुरेश खन्ना, राधा मोहन अग्रवाल, फतेह बहादुर सिंह, फागू चौहान, सुरेश राणा, ओमप्रकाश राजभर, आरके वर्मा, अपना दल, नीलरतन सिंह, रामचंद्र, मुकुट बिहारी वर्मा, रमापति शास्त्री, बहोरन लाल मौर्या, विक्रम सिंह, बाला प्रसाद अवस्थी, उपेन्द्र तिवारी, चेतन चौहान, रामसरन वर्मा, दीनानाथ भास्कर, सत्य प्रकाश अग्रवाल, श्रीकांत शर्मा, श्री राम चौहान, बलदेव सिंह, नोएडा से विधायक चुने गए पंकज सिंह, पूर्व एमएलसी स्वतंत्रदेव सिंह, जफ्फरनगर से जीते अवतार सिंह भड़ाना, मथुरा से जीते श्रीकांत शर्मा, बाराबंकी से जीते बैजनाथ रावत, प्रदेश महामंत्री विद्याशंकर सोनकर, लखनऊ से आशुतोष टंडन और सरोजनी नगर से विधायक बनीं स्वाति सिंह के नाम प्रमुखता से लिए जा रहे हैं।।