फुटबाल के आकार के नींबू-चकोतरे, बड़े लोटे के आकार के वजनी शलजम, 12-15 किलो वजन की मूली, दो-तीन फुटबाल के आकार के कदूदू, पत्तागोभी। आधा किलो के अमरूद, सुपारी से लेकर सेब के आकार के बेर। फलों के आकार और उनके आकारों से तैयार क्विंटल भर वजनी पिरामिड। एक फीट से अधिक लंबी गाजर तो एक बित्ते भर की हरी मिर्च। सिर्फ सब्जी फल ही नहीं, गमलों में लगी सब्जियां। ये देख लोग चौंके।
मौका था राजभवन में शनिवार से शुरू हुई प्रादेशिक फल, शाकभाजी एवं पुष्पप्रदर्शनी-2020 के पहले दिन का। यहां प्रदेश भर से आए फल, शाकभाजी एवं पुष्प के कलेक्शन ने बागवानी के शौकीन शहरियों का मन ललचाया। फल, शाकभाजी स्टाल के अलावा डहेलिया, गुलाब, बोनसाई, पान के पत्ते के स्टालों पर लगे उद्यान के प्रदर्शों ने आम शहरियों को ही नहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, राज्यपाल आनंदी बेन पटेल को भी आकर्षित किया। प्रदेश भर के राजकीय कारागारों से आए सब्जियों के ललचाते प्रदर्शनों संग सेल्फी लेने को लोग बेकरार दिखे।
तीसरी मंजिल पर सब्जियां उगा रहीं मंजू वर्मा
घर में बागवानी के शौकीनों के लिए शहर की वरिष्ठ नागरिक मंजू वर्मा ने नई राह दिखाई है। क्ले स्क्वायर की रहने वाले मंजू ने अपने मकान की तीसरी मंजिल की छत पर 500 से अधिक गमलों में कई प्रकार की सब्जियों को उगाने की बागवानी कर रखी है। करीब 22 सालों से बागवानी के ऐसे प्रयोग कर रहीं मंजू ने गमलों में कई किस्म के बैंगन, हरी मिर्च, धनिया, पालक, मूली, गोभी, गांठ गोभी, देशी और विदेशी पत्ता गोभी, ब्रोकोली, मेथी, सोया, कद्दू, प्याज, लहसुन, कई किस्म के विदेशी सलाद पत्ते, आधा दर्जन किस्म के टमाटर, लाल-हरी-पीली शिमला मिर्च आदि सब्जियां उगा रखी हैं। उन्होंने प्रदर्शनी में अपने 150 गमलों की सब्जियों को भी लगाया। इन्हें देखने को लोग बेकरार दिखे।
मंजू ने बताया कि आस्ट्रेलिया में रहने वाला उनका बड़ा बेटा हर्षित और बाराबंकी में सरकारी सेवा में तैनात उनका बेटा सुमित उनकी मदद करते हैं। कई सब्जियों के बीज आस्ट्रेलिया से बेेटा भी भेजता रहता है। बताया कि तीसरी मंजिल पर इनकी देखभाल के लिए काफी मेहनत लगती है, बंदरों से बचाव के लिए सुबह और शाम उनका डॉगी पहरेदारी करता है। जाल भी लगवा रखा है। मोहल्ले के लोगों के साथ वे आए दिन सब्जियां बांटकर खाती हैं, लोग भी उनसे इस किस्म की बागवानी सीखने आते रहते हैं।