बुद्घ, विष्णु, गणेश से लेकर अतुलनीय भारत की संस्कृति व संगीत को बेहतरीन ढंग से कैनवास पर उतारा है आठ कलाकारों ने।
जिनके चित्रों की प्रदर्शनी दर्श ग्रुप की ओर से सोमवार को राज्य ललित कला अकादमी में लगाई गई। कुल 45 चित्र लगाए गए हैं।
प्रदर्शनी में जहां चित्रकार मनीषा पाण्डेय ने एक ओर जहां भगवान बुद्ध एवं उनके कुछ साक्ष्यों को कृतियों में उतारा है, वहीं दूसरी ओर भगवान विष्णु के रूपों को सुनहरे रंगों की मदद से लाई पर उभारने की कोशिश की है।
अमोद कुमार यादव ने अपनी कृतियों में श्रीकृष्ण एवं गणेश की पेंटिंग को अलग अलग प्रकार से दर्शाते हुए शान्ति व धार्मिक भावनाओं के सम्मान का मैसेज लोगों तक पहुंचाने की कोशिश की है।
अमोद के चित्रों में बनारस के घाट को नाइफ के जरीये कैनवस पर उतारने की प्रशंसा दर्शकों ने की। शिल्पी सिंह चौहान ने मनुष्य के भावों व गायत्री राजोरिया ने टेक्चर और रंगो को कैनवास पर बिखेरते हुए अपनी कलाकृतियों के द्वारा लोगों को प्रभावित करने का प्रयास किया।
चित्रकार अल्का यादव ने अतुलनीय भारत की संस्कृति और संगीत की लयात्मकता को मोटे लाइन तथा पेंच द्वारा दिखाने का प्रयास किया। जबकि अनुराधा वर्मा ने राधा-कृष्ण और मनुष्य की भावनाओं को दिखाने का प्रयास किया है। प्रदर्शनी 26 सितम्बर तक चलेगी।