राजधानी लखनऊ स्थित केजीएमयू के फिजियोलॉजी और मानसिक रोग विभाग के साथ टीएसएम मेडिकल कॉलेज और प्रसाद इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल कॉलेज के सहयोग से यह अध्ययन किया गया है। इसमें डॉ. शिराजा हक, डॉ. श्रद्धा सिंह, डॉ. जगदीश नारायण, डॉ. आदर्श त्रिपाठी, डॉ. मंजूर अहमद, डॉ. तोयज कुमार और डॉ. शिवम वर्मा शामिल रहे।
वर्ष 2023 से 24 के बीच हुए अध्ययन में 18 से 30 वर्ष के 113 मेडिकल के छात्र-छात्राओं को शामिल किया गया। इनसे प्रश्नावली के माध्यम से 38 सवाल पूछे गए। मेडिकल स्टूडेंट्स ने माना कि स्मार्टफोन के ज्यादा इस्तेमाल से उनकी आंखें दर्द होती हैं। नींद पूरी नहीं होती और एकाग्रता में भी कमी आई है। अध्ययन में मोबाइल फोन के इस्तेमाल के लिए गाइडलाइन तैयार करने की वकालत की गई।
मोबाइल के इस्तेमाल में पीछे हैं चीन के विद्यार्थी
अध्ययन में पाया गया कि केजीएमयू के विद्यार्थी औसतन सप्ताह में 49.98 घंटे मोबाइल का इस्तेमाल करते हैं। रोजाना मोबाइल चलाने का औसत सात घंटे से भी ज्यादा है। दुनिया के अन्य देशों के मुकाबले यह बहुत ज्यादा है। स्विटजरलैंड में 33 फीसदी विद्यार्थियों का औसत मोबाइल इस्तेमाल रोजाना महज एक से दो घंटे है। मोबाइल फोन बनाने में आने रहने वाले चीन में विद्यार्थियों का प्रतिदिन इस्तेमाल का औसत दो से चार घंटे ही है।
ज्यादातर ने रात के समय किया फोन का इस्तेमाल
अध्ययन में पाया गया कि ज्यादातर विद्यार्थियों (81.42 फीसदी) ने मोबाइल का इस्तेमाल रात में किया। दिन में मोबाइल इस्तेमाल करने वालों का औसत महज 18.58 प्रतिशत था। दिन और रात के समय का आकलन सुबह आठ से रात आठ बजे के बीच और रात आठ से सुबह आठ बजे के आधार पर किया गया।
92.04 फीसदी ने बताई आंख में दर्द की शिकायत
इस अध्ययन में शामिल 92.04 फीसदी विद्यार्थियों ने बताया कि मोबाइल के इस्तेमाल से उनकी आंख में दर्द की शिकायत रहती है। इसके अलावा 23.89 फीसदी ने ऊर्जा स्तर में कमी, 78.71 प्रतिशत ने सिर में दर्द और 38.05 ने एकाग्रता में कमी होने की बात कही।
सबसे ज्यादा सोशल मीडिया का इस्तेमाल
अध्ययन में शामिल 113 में से 78.76 फीसदी विद्यार्थियों ने सोशल मीडिया पर समय बिताने की बात बताई। इसके अलावा 69.91 ने विभिन्न वजह से ऑनलाइन होने, 15.93 ने गेम, 51.33 ने मूवी देखने और 32.74 अन्य वजह से मोबाइल का इस्तेमाल करने की बात बताई।