रायबरेली। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा 22 फरवरी से 9 मार्च तक होगी, जिसमें 70793 परीक्षार्थी भाग लेंगे। बुधवार को सभी 108 परीक्षा केंद्रों में तैयारियां पूरी कराई गईं। कार्यभार ग्रहण करने पहुंचे कक्ष निरीक्षकों की बैठक कर सभी निर्देश समझा दिए गए। पहले दिन बृहस्पतिवार को दोनों पालियों में प्रमुख विषय हिंदी की परीक्षा होगी, जिससे परीक्षार्थियों की संख्या पूरी रहेगी।
पहली पाली की परीक्षा सुबह 8.30 बजे से 11.45 बजे तक होगी, जिसमें हाईस्कूल का हिंदी एवं प्रारंभिक हिंदी तथा इंटरमीडिएट का सैन्य अध्ययन विषय का इम्तेहान होगा। दूसरी पाली में दोपहर 2 बजे से सायं 5.15 बजे तक हाईस्कूल की वाणिज्य तथा इंटरमीडिएट की हिंदी एवं सामान्य हिंदी की परीक्षा कराई जाएगी।
जोनल और सेक्टर मजिस्ट्रेटों के साथ सभी सातों सचल दस्ते भ्रमण करेंगे। परीक्षा केंद्रों में स्टेटिक मजिस्ट्रेटों, केंद्र व्यवस्थापकों और वाह्य केंद्र व्यवस्थापकों ने परीक्षा संबंधी जरूरी व्यवस्थाओं को पूरा करा लिया। जिला विद्यालय निरीक्षक ओमकार राणा ने बताया कि बोर्ड परीक्षा के सभी जरूरी इंतजाम कर लिए गए हैं। तैयारियां पूरी हो गई हैं। परीक्षा के लिए पूरा अमला मुस्तैद है।
कंट्रोल रूम के नंबर
मानीटरिंग कंट्रोल रूम - 9452440393
जनपदीय कंट्रोल रूम - 9452407495
कुल परीक्षार्थी 70793
हाईस्कूल 40083
इंटरमीडिएट 30710
जनपदीय सचल दल 7
जोनल मजिस्ट्रेट
6
सेक्टर मजिस्ट्रेट 19
स्टेटिक मजिस्ट्रेट 108
कुल परीक्षा केंद्र 108
(राजकीय-14, सहायता प्राप्त-39, वित्तविहीन-55)
तहसील क्षेत्रवार परीक्षा केंद्र
सदर
28
महराजगंज
19
सलोन
17
ऊंचाहार
13
डलमऊ
12
लालगंज
19
जिले से प्रदेश तक होगी निगरानी
परीक्षा केंद्रों में लगवाए गए सीसीटीवी कैमरों के जरिए बोर्ड परीक्षा के दौरान हर गतिविधि पर जिले के अधिकारियों के साथ ही विभागीय उच्चाधिकारियों की नजर रहेगी। जिला स्तरीय कंट्रोल रूम शहर के राजकीय बालिका इंटर कॉलेज में बनाया गया है। जनपदीय कंट्रोल रूम लखनऊ बना है, जहां विभागीय उच्चाधिकारी के साथ शासन के अफसर नजर रखेंगे। यूपी बोर्ड ने प्रयागराज में भी कंट्रोल रूम बनाया है, जहां बोर्ड की टीमें ऑनलाइन निगरानी करेंगी।
संवेदनशील केंद्रों पर दोनों पालियों में पड़ेगा छापा
जिले में 108 परीक्षा केंद्र बने हैं, जिनमें 22 केंद्रों को संवेदनशील घोषित किया गया है। इन केंद्रों पर हर रोज दोनों पालियों में छापा पड़ेगा। सचल दलों अपने छापामार अभियान में इन केंद्रों को जरूर शामिल करेंगे। जोनल और सेक्टर मजिस्ट्रेट भी निरीक्षण करेंगे। जिले में सात सचल दस्ते बनाए गए हैं। इनमें से डायट प्राचार्य, डीआईओएस और बीएसए के पास अपने वाहन हैं। बाकी चार दलों के लिए वाहनों की व्यवस्था कर ली गई है।
डीआईओएस ने बताया कि सभी सचल दलों को वाहन उपलब्ध हो गए हैं। पुलिस बल की व्यवस्था भी हो गई है। संवेदनशील केंद्रों में विशेष निगरानी के लिए रोजाना अधिकारी भ्रमण करेंगे।
अतिरिक्त शिक्षकों की मांग
सभी परीक्षा केंद्रों में बुधवार को ड्यूटी पर लगाए गए कक्ष निरीक्षकों को जॉइन करना था, लेकिन ज्यादातर केंद्रों में तैनात किए गए कक्ष निरीक्षक परीक्षा केंद्र समय से नहीं पहुंचे। पहले दिन कोई अव्यवस्था न हो, इसके लिए बेसिक शिक्षा विभाग से मदद मांगी जाती रही। माध्यमिक के लगभग तीन हजार शिक्षक ड्यूटी में लगे हैं तो बेसिक शिक्षा से 1771 शिक्षक पहले ही मांग लिए गए थे। अब बेसिक से अतिरिक्त शिक्षकों की मांग की गई है। डीआईओएस का कहना है कि कक्ष निरीक्षकों की व्यवस्था पूरी कर ली गई है। कमी न पड़े, इसलिए बेसिक से अतिरिक्त शिक्षक की मांग की गई है।