वाराणसी के थाना कैंट इलाके में अर्दली बाजार निवासी महेश प्रसाद जायसवाल की 23 अप्रैल 2012 में सरे आम गोलियां चलाकर सनसनीखेज तरीके से हत्या कर दी गई थी। उस समय महेश स्कूटर से सब्जी लेने के लिए निकला था। वापस लौटते समय उसे रेमंड के शो-रूम के सामने गोलियां मारी गई थीं। इस संबंध में वाराणसी के कैंट थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था। इस हत्याकांड में वाराणसी के शातिर अपराधी रोहित सिंह उर्फ सनी और उसके साथियों का नाम प्रकाश में आया था। रोहित सिंह को एसटीएफ 2016 में वाराणसी से हुई एक मुठभेड़ में मार चुकी है। अन्य अभियुक्तों के साथ बाद मे इस हत्याकांड में जवाहर जायसवाल व उसके बेटे गौरव जायसवाल का नाम प्रकाश में आया। इन दोनों की गिरफ्तारी पर 25-25 हजार रुपये का पुरस्कार घोषित किया गया था।
जवाहर जायसवाल महराजगंज ठूंठीबारी में जेएचवी गडौरा शुगर मिल का मालिक है। इस मिल पर किसानों के गन्ने का करोड़ों रुपया बकाया चल रहा है। इसका भुगतान न किए जाने के मामले में ठूंठीबार थाने में मुकदमा दर्ज हुआ था। इस मामले में महराजगंज के सीजेएम ने कुछ दिन पहले तीन जनवरी को जवाहर जायसवाल की गिरफ्तारी का वारंट भी जारी कर दिया था। जवाहर जायसवाल इस मामले में भी वांछित था।
कक्षा आठ पास चर्चित शराब कारोबारी जवाहर जायसवाल पर पूर्व में वाराणसी के कैंट थाना क्षेत्र के सोयेपुर जहरीली शराब कांड में मुकदमा दर्ज हुआ था। कैंट थाने में जवाहर के खिलाफ हिस्ट्रीशीट भी खुली हुई है।
साइकिल से शराब बेच कर पहुंचे सांसदी तक
जानकारी मिली है कि 80 के दशक में जवाहर जायसवाल साइकिल और फिर बाइक से देशी शराब बेचता था। बाद में वह शराब के कारोबार में लिकर किंग कहलाने लगा था।
हेलीकाप्टर खरीदने की अर्जी भी दी थी
कांग्रेस से जुड़ने के बाद 90 के दशक में उसने एक बार राजीव गांधी सरकार में हेलीकाप्टर खरीदने के लिए अर्जी दी थी। पर तकनीकि कारणों से उसकी मंशा पूरी नहीं हो सकी थी। उस समय वह कांग्रस का जिलाध्यक्ष था।