पूर्व डीजीपी को बैंड पहनाते एडिशनल एडवोकेट जनरल विनोद शाही
उत्तर प्रदेश के पूर्व डीजीपी सुलखान सिंह अब वकील के रूप में इलाहाबाद हाईकोर्ट में नजर आएंगे। मंगलवार को उन्हें प्रदेश के अपर महाधिवक्ता विनोद कुमार शाही ने विधिवत रूप से अधिवक्ता के तौर पर कार्य करने के लिए बैंड पहनाया।
इस मौके पर उन्होंने कहा कि वे एक मुश्किल पेशे में बेहतर काम करने का प्रयास करेंगे। सुलखान सिंह की पहचान एक ईमानदार अफसर के साथ-साथ अपने फैसले पर अडिग रहने वाले अधिकारी के रूप में होती रही है। बतौर डीजीपी भी उन्होंने अपनी एक अलग पहचान कायम की थी।
बीते वर्ष 31 दिसंबर को ही वे डीजीपी पद से रिटायर हुए थे। इससे पहले प्रदेश सरकार ने उनका कार्यकाल तीन महीने के लिए बढ़ाया था। 8 सितंबर 1957 में जन्मे और बांदा के जौहरपुर गांव से ताल्लुक रखने वाले सुलखान सिंह ने पुलिस सेवा में आने से पहले विधि की शिक्षा ली थी। वहीं, उन्होंने आईआईटी रुड़की से इंजीनियरिंग भी की है। वे 1980 में भारतीय पुलिस सेवा के लिए चुने गए थे।