राज्य अनुसूचित जाति व जनजाति आयोग अध्यक्ष बृजलाल
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उत्तर प्रदेश अनुसूचित जाति-जनजाति (एससी-एसटी) आयोग के अध्यक्ष एवं पूर्व डीजीपी बृजलाल ने कहा कि आयोग में अब गैर दलित सदस्य नहीं बनाए जाएंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि बसपा और सपा शासनकाल में इसे गैर दलित सदस्यों वाला आयोग बनाने का काम किया गया। इसी कारण अब इसमें संशोधन किया जा रहा है।
इंदिरा भवन स्थिय मुख्यालय में आयोजित पत्रकार में उन्होंने कहा कि बसपा शासनकाल में सदस्यों के एससी-एसटी होने की बाध्यता हटा दी गई थी। सपा शासनकाल में इसका दुरुपयोग कर 17 में से 12 सदस्य गैर दलित बनाए गए।
पिछले एक अरसे से आयोग में दो उपाध्यक्षों व 16 सदस्यों की तैनाती की गई। उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था को संशोधित करने का प्रस्ताव तैयार कर सरकार को भेजा गया है।
बृजलाल ने कहा कि कई बार आयोग में एससी-एसटी की धारा के तहत फर्जी मामले भी आते हैं। इसी तरह के 42 मामलों को निस्तारण किया गया। उन्होंने कहा कि पिछले पांच महीने में 51 मामलों का निस्तारण कर पीड़ित परिवारों को 1,05,76,250 रुपये की सहायता दी गई। आयोग ने कई मामलों में समाचार पत्रों से जानकारी लेकर खुद कार्रवाई की।