लखनऊ। अंग्रेजी माध्यम के स्कूलों में विद्यार्थियों में वेद, मंत्र के साथ संस्कृत की अलख जगाने वाले रमेश बहादुर सिंह की जिंदगी पर आधारित पुस्तक शून्य से शून्य तक का विमोचन बुधवार को किया गया। पेशे से अधिवक्ता रमेश बहादुर रायबरेली और उसके आसपास गुरुकुल पद्धति पर अंग्रेजी माध्यम के 23 स्कूलों का संचालन कर रहे हैं। हजरतगंज स्थित यूनिवर्सल बुक में पुस्तक विमोचन कार्यक्रम में पुस्तक के लेखक उपन्यासकार डाॅ. नरेश कात्यायन ने बताया कि पुस्तक में रमेश बहादुर सिंह के छात्र जीवन से लेकर उनके शिक्षा के प्रसार तक का सफर प्रस्तुत किया गया है। उन्होंने कहा कि संसार में शून्य से शिखर तक का सफर नहीं होता है। प्रत्येक व्यक्ति अपनी जिंदगी में शून्य से शून्य तक का सफर ही तय करता है। विमोचन कार्यक्रम में पुस्तक के प्रकाशक अभिनव अग्रवाल, डा. चंद्र प्रकाश मौजूद रहे।