लखनऊ। यदि आपका पालतू कुत्ता, बिल्ली, बकरी या गाय-भैंस बीमार है, या फिर सड़क पर किसी वाहन की टक्कर से कोई पशु घायल हो जाता है, तो अब आपको परेशान होने की जरूरत नहीं। पशुपालन विभाग का टोल फ्री नंबर 1962 डायल कीजिए, मोबाइल वेटनरी यूनिट एंबुलेंस आपकी लोकेशन पर पहुंचकर पशु का तुरंत इलाज करेगी। जरूरत पड़ने पर पशु को नजदीकी पशु चिकित्सालय भी ले जाया जाता है। करीब 80 से 90 कॉल टोल फ्री नंबर पर रोज आती हैं।
लखनऊ जिले में इस समय आठ मोबाइल वेटनरी यूनिट एंबुलेंस काम कर रही हैं। इनमें से चार फिक्स रूट पर और दो इमरजेंसी कॉल के लिए तैनात रहती हैं। हर महीने औसतन 2400 पशुओं का इलाज इन्हीं एंबुलेंस के माध्यम से किया जा रहा है। मई से अगस्त तक हर महीने ढाई हजार के करीब पशुओं का उपचार हुआ।
केस 1: घायल गाय को मिला नया जीवन
स्थान: हुसैनाबाद, कुड़ियाघाट
सात सितंबर को शाहिद ने टोल फ्री नंबर पर कॉल कर बताया कि एक गाय वाहन की टक्कर से घायल होकर गली किनारे पड़ी है। सूचना मिलते ही 20 मिनट में मोबाइल वेटनरी यूनिट मौके पर पहुंची। टीम के डॉ. ओवैश मलिक ने गाय का घाव साफ कर पट्टी की और इंजेक्शन लगाया। आधे घंटे में गाय खून बहना बंद हो गया और वह चारा खाने लगी।
केस 2: बकरियों की जान बची
स्थान: मलिहाबाद, ससपन गांव
छह सितंबर को रविंद्र यादव ने कॉल कर बताया कि उनकी पांच बकरियां दो दिन से बीमार थीं। मुंह में छाले और दस्त की समस्या थी। वेटनरी यूनिट की टीम उनके घर पहुंची और इलाज किया। अब सभी बकरियां स्वस्थ हो रही हैं।
Iकई बार पशुपालकों के पास साधन नहीं होते या पशु चलने में सक्षम नहीं होता। ऐसे में मोबाइल वेटनरी यूनिट बड़ी राहत देती है। समय से टीम पहुंचने से पशुओं की बीमारी और मौत की संभावना काफी कम हो गई है। हर महीने ढाई हजार से अधिक पशुपालक इस सेवा का लाभ उठा रहे हैं।I
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- डॉ. सुरेश कुमार, मुख्य पशु चिकित्साधिकारीI