लखनऊ। शीतलहर और घने कोहरे ने राजधानी को ठिठुरा दिया है। ठंड का असर अब मंदिरों में भी दिखने लगा है। अपने आराध्य को सर्दी से बचाने के लिए शहर के मंदिरों में विशेष शीतकालीन शृंगार किया गया। गर्भगृहों में मंत्रों के साथ ऊनी और मखमली वस्त्रों की गर्माहट भी घुलती नजर आई। आस्था के इन केंद्रों में भक्त और भगवान के बीच मानवीय भाव का अनोखा दृश्य देखने को मिला।
हनुमान सेतु : गोटा लगी धोती में सजे बजरंगबली
प्रसिद्ध हनुमान सेतु मंदिर में बाबा नीब करौरी के प्रिय हनुमान जी का विशेष शीतकालीन शृंगार किया गया। मंदिर के सचिव दिवाकर त्रिपाठी के अनुसार, बाबा को गर्म दुपट्टा और गोटा लगी विशेष धोती धारण कराई गई। इस स्वरूप के दर्शन के लिए सुबह से ही भक्तों की भीड़ उमड़ रही है।
इस्कॉन मंदिर: राधाकृष्ण का अलौकिक शीत शृंगार
सुशांत गोल्फ सिटी स्थित इस्कॉन मंदिर में राधाकृष्ण को रंग-बिरंगे ऊनी वस्त्रों और गर्म टोपियों से सजाया गया। मंदिर अध्यक्ष अपरिमेय श्याम दास ने बताया कि शृंगार भगवान की सेवा का अभिन्न अंग है, जिसे देख श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठते हैं।
महाकाल मंदिर: महादेव को ओढ़ाया कंबल
राजेंद्रनगर स्थित महाकाल मंदिर में ‘श्मशानवासी’ महादेव को प्रेमपूर्वक कंबल ओढ़ाया गया। मुख्य पुजारी अतुल मिश्र ने बताया कि कड़ाके की ठंड में भगवान को गर्म वस्त्र अर्पित करना प्राचीन परंपरा है, जो भक्त और भगवान के रिश्ते को परिवार जैसा बनाती है।
हनुमंत धाम: मखमली वस्त्रों में सजा राम दरबार
गोमती तट स्थित हनुमत धाम में प्रभु श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण जी को विशेष मखमली वस्त्र पहनाए गए। मुख्य पुजारी राम सेवकदास के सानिध्य में हुए इस शृंगार से दरबार की भव्यता और बढ़ गई।
गर्भगृह में भी बदली दिनचर्या
ठंड के चलते मंदिरों की दिनचर्या और गर्भगृह की सजावट में बदलाव किया गया है। शृंगार में लाल, केसरिया और पीले जैसे गर्म रंगों का इस्तेमाल किया जा रहा है। भोग में सूखे मेवे, सोंठ के लड्डू और केसरयुक्त गर्म दूध अर्पित किया जा रहा है।
कड़ाके की सर्दी में भगवान भी ऊनी वस्त्रों में
कड़ाके की सर्दी में भगवान भी ऊनी वस्त्रों में
कड़ाके की सर्दी में भगवान भी ऊनी वस्त्रों में
कड़ाके की सर्दी में भगवान भी ऊनी वस्त्रों में
कड़ाके की सर्दी में भगवान भी ऊनी वस्त्रों में
कड़ाके की सर्दी में भगवान भी ऊनी वस्त्रों में
कड़ाके की सर्दी में भगवान भी ऊनी वस्त्रों में