ईईएसएल व पावर कॉर्पोरेशन के बीच हुए पत्राचार में स्मार्ट मीटर में आ रही समस्याओं का जिक्र करते हुए कहा गया है कि इसकी वजह से पिछले दिनों पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम के वरिष्ठ अधिकारियों के आवास का घेराव किया गया। गड़बड़ियों से स्मार्ट मीटर के बारे में जनता के बीच गलत संदेश गया है। इससे कॉर्पोरेशन की छवि धूमिल हुई है। ईईएसएल जवाब दे अन्यथा स्मार्ट मीटर लगाने पर रोक भी लगाई जा सकती है।
उपभोक्ता परिषद की कराई जांच में भी मिली गड़बड़ी
राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने राजधानी लखनऊ के तीन उपभोक्ताओं के स्मार्ट मीटर का नंबर देकर बिल निकलवाया तो 55 से 65 किलोवाट तक भार निकला। परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने पावर कॉर्पोरेशन के निदेशक वाणिज्य एके श्रीवास्तव व मध्यांचल विद्युत वितरण निगम के निदेशक वाणिज्य को साक्ष्यों के साथ स्मार्ट मीटर की गड़बड़ियों से अवगत कराया। कॉर्पोरेशन के निदेशक वाणिज्य ने कहा, जल्द ही कंपनी को नोटिस भेजकर जरूरी कार्यवाही की जाएगी।
उपभोक्ता परिषद अध्यक्ष ने कहा कि लोड पैरामीटर जंप करने से यह साफ हो गया है कि स्मार्ट मीटर में गड़बड़ी है। इस संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता है कि जब भार जंप कर रहा है तो यूनिट भी जंप कर रही हो।
ऐसे में इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए और घटिया मीटर आपूर्ति करने वाली कंपनियों को ब्लैक लिस्ट किया जाए।