सिपाही भर्ती 2018 में मानकों की अनदेखी कर डेढ़ सौ से अधिक अभ्यर्थियों का चयन सिपाही के पद पर कर लिया गया। शिकायत के बाद होमगार्ड कोटे से आए 397 अभ्यर्थियों में से 165 का चयन निरस्तर कर दिया गया है और बाकी 232 अभ्यर्थियों के अभिलेखों की दोबारा जांच की जा रही है। नियमों की अनदेखी के मामले में भर्ती बोर्ड ने जांच कराने का फैसला किया है।
जानकारी के अनुसार पिछले महीने की 18 तारीख को उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड 23520 सिपाही नागरिक पुलिस और 18000 पीएसी के पदों के लिए अंतिम चयन परिणाम घोषित किया था। इसमें क्षैतिज आरक्षण के तहत होमगार्ड कोटे के भी 397 अभ्यर्थी चयनित किए गए। होमगार्ड कोटे से चयन के लिए कम से कम तीन वर्ष होमागार्ड में ड्यूटी अनिवार्य है। यानी जो होमगार्ड कोटे के तहत आवेदन कर रहा है उसकी न्यूनतम आयु 21 वर्ष होनी चाहिए। परिणाम जारी होने के बाद भर्ती बोर्ड को शिकायत मिली कि ऐसे कई अभ्यर्थी होमगार्ड कोटे से सिपाही बन गए हैं जो निर्धारित मानक पूरा नहीं करते हैं।
भर्ती बोर्ड ने जांच की तो 397 में से 165 अभ्यर्थी ऐसे मिले जिनका चयन होमगार्ड कोटे से चयन हो गया था जिनकी उम्र 21 वर्ष से कम है। इन सभी का चयन तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया गया। वहीं अन्य 232 चयनित अभ्यर्थियों के दस्तावेजों की पुन: जांच के निर्देश दिए गए हैं। वहीं अभिलेखों का सत्यापन करने वाले बोर्ड को भी नोटिस देकर इस बाबत जवाब मांगा गया है।