यूपी के गाजीपुर में पांच स्थलों के सौंदर्यीकरण के लिए दी गई धनराशि में सात करोड़ रुपये के गबन के आरोपी को ईओडब्ल्यू की टीम ने लखनऊ से आरोपी को दबोच लिया है। मामले में कुल 26 लोगों की संलिप्तता पाई गई थी। लखनऊ से दबोचा गया आरोपी आजाद सिंह भी मामले में वांछित था। ईओडब्ल्यू की टीम ने उसे सोमवार शाम को बंगला पुल चौराहा, आशियाना से गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपी को भ्रष्टाचार निवारण कोर्ट वाराणसी में पेश कर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
वर्ष 2012-13 में गाजीपुर के भदौरा ब्लाक अन्तर्गत स्थित पांच स्थलों परेमन शाह का तालाब, सेवराई चीरा का पोखरा, मां कामाख्याधाम गहमर, देवकली स्थल एवं कीनाराम स्थल, देवल, शामिल है। इन जगहों का पर्यटन विकास और सौन्दर्याकरण के लिए चयन किया गया था।
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शासन द्वारा उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम यूनिट वाराणसी इकाई को कार्यदायी संस्था नियुक्त किया गया था। कार्यदायी संस्था के अधिकारियों, कर्मचारियों और ठेकेदारों के द्वारा इन स्थलों का कार्य अपूर्ण रखा गया और मानक के अनुरूप कार्य नहीं किया गया, जिससे सरकार को लगभग 7 करोड़ रुपये की शासकीय धन की क्षति हुई।
इस सम्बन्ध में अविनाश चन्द्र मिश्र, संयुक्त निदेशक पर्यटन वाराणसी ने 12 सितंबर 2017 को गाजीपुर जिले के थाना गहमर में कार्यदायी संस्था एवं ठेकेदारों के विरूद्ध शासकीय धन गबन किये जाने का मुकदमा दर्ज करवाया था।
मामले की जांच में कुल 26 लोगों की संलिप्तता पायी गई थी जिसमें यह अभियुक्त भी वांछित था। सोमवार की शाम को ईओडब्ल्यू ने उसे दबोच लिया।