शहरों में तेजी से बढ़ रहे प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए नगर
निगमों में पर्यावरण सेल बनाया जाएगा।
इसे आबादी के हिसाब से जोन में बांटा
जाएगा और प्रत्येक जोन का प्रभारी अधिशासी अभियंता पर्यावरण होगा।
साथ ही
नगर निगमों में पर्यावरण के प्रति जागरूकता के लिए अभियान भी चलाए जाएंगे।
शासन में हुई उच्चाधिकारियों की बैठक में इस पर लगभग सहमति बन गई है।
लोकसभा चुनाव के बाद इस पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
नगर
विकास विभाग का मानना है कि नगर निगमों में पर्यावरण सेल की स्थापना होने
से पर्यावरण नियंत्रण में खासी मदद मिलेगी।
इस सेल का मुख्य काम पर्यावरण
संरक्षित करना होगा। घरों और प्रतिष्ठानों से निकलने वाले कूड़े का
निस्तारण ठीक से कराना, उसे उठवाकर डंपिंग ग्राउंड पर पहुंचवाने की
व्यवस्था कराना है। साथ ही डंपिंग ग्राउंड के आसपास का वातावरण प्रदूषण
मुक्त बनाना।
शहर में संक्रामक रोग के लिए
संवेदनशील स्थलों को पूर्व से चिह्नित करते हुए वहां निरोधात्मक उपाय कराना
पर्यावरण सेल का काम होगा।
इसके अलावा शहरी क्षेत्रों में प्रदूषण फैलाने
वाली औद्योगिक इकाइयों पर भी जरूरत के आधार पर कार्रवाई के लिए पर्यावरण
सेल संबंधित विभाग को लिखेगा।
मौजूदा समय नगर निगमों में स्वास्थ्य संबंधी
काम नगर स्वास्थ्य अधिकारी के जिम्मे है। इसकी तैनाती स्वास्थ्य विभाग करता
है। पर्यावरण सेल की स्थापना होने के बाद स्वास्थ्य अधिकारियों का पद
समाप्त हो जाएगा।