एसटीबी सेट के संचालन से जुड़े बड़े मल्टी सिस्टम ऑपरेटरों (एमएसओ) पर
लगाम कसने के लिए मनोरंजन कर विभाग ने एक्ट में बदलाव कर दिया है।
अभी तक
बड़े एमएसओ एक्ट को ढाल बना मनोरंजन कर के दायरे से अपने को बचा क्षेत्रीय
स्तर पर कार्यरत छोटे केबल संचालकों के मत्थे ही टैक्स जमा कराने की
जिम्मेदारी थोप रहे थे।
इसे लेकर मनोरंजन कर विभाग के अधिकारियों के अनुरोध
पर शासन ने बीते दिनों एक्ट की टैक्स निर्धारण नीति में बदलाव को मंजूरी
दे दी।
अब एमएसओ को भी सीधे तौर पर केबल प्रसारण से जोड़ते हुए मनोरंजन कर
अदा किए जाने के दायरे में लाया गया है। मनोरंजन
कर उपायुक्त सीपी त्रिपाठी ने यह जानकारी दी है।
उन्होंने बताया कि एक्ट
में इस बदलाव के बाद अब बकाया मनोरंजन कर की वसूली के लिए छोटे ऑपरेटरों के
साथ एमएसओ को भी सीधे तौर पर कार्रवाई के दायरे में लाने का रास्ता साफ हो
गया है।
अभी तक एमएसओ संचालक यह कहते हुए कर अदायगी से किनारा कस रहे थे
कि कस्टमरों से मासिक शुल्क की वसूली क्षेत्रीय केबल ऑपरेटरों के स्तर पर
होती है।
इसलिए केबल ऑपरेटरों द्वारा उपभोक्ताओं से लिए जाने वाले शुल्क के
आधार पर मनोरंजन कर निर्धारित कर उसकी वसूली की जानी चाहिए।
जिलाधिकारी के
निर्देश पर मनोरंजन कर विभाग ने बीती 20 नवंबर को चारों एमएसओ को कार्रवाई
का अंतिम नोटिस जारी किया था। इसके साथ ही मनोरंजन कर राशि का निर्धारण कर
इसकी वसूली की प्रक्रिया शुरू की गई है।
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