सपा प्रवक्ता और कारागार एवं खाद्य-रसद मंत्री राजेंद्र चौधरी ने कहा है कि विपक्षी दलों ने मुजफ्फरनगर की घटना में आग में घी डालने का काम किया है।
उनके भड़काऊ व्यवहार से निर्दोष लोगों को दुश्वारियों का शिकार होना पड़ा। हिंसा में भाजपा की भूमिका की जांच होगी।
चौधरी ने कहा, मुजफ्फरनगर-शामली में हिंसा की दुर्भाग्यपूर्ण घटनाओं को विस्तार देकर विपक्ष ने गैर जिम्मेदाराना और अलोकतांत्रिक काम किया है।
उसकी भूमिका आग में पानी डालने के बजाय घी डालने की रही। बसपा को तो सपने में भी राष्ट्रपति राज दिखता है। दुर्भाग्यपूर्ण है कि बसपा के साथ कांग्रेस ने भी खुद को जोड़ लिया है।
दिग्विजय सिंह को बसपा का अंधेर राज अच्छा लगता है। सीमित प्रभाव क्षेत्र वाला राष्ट्रीय लोकदल भी बसपा-कांग्रेस के सुर में सुर मिला रहा है। जहां तक भाजपा की बात है, सांप्रदायिकता उसकी जीवनधारा है। उसे सांप्रदायिक तनाव पैदा करने में महारत हासिल है।
सपा प्रवक्ता ने कहा कि मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने तत्परता और गंभीरता से कानून व्यवस्था के हालात को नियंत्रित करने का काम किया है। वे रात दो बजे तक जाग-जागकर अधिकारियों से लगातार संपर्क करते रहे हैं।
उन्होंने अफसरों को कड़े कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। सरकार पर तुष्टीकरण या समय से कार्रवाई न करने के आरोप निराधार हैं। मुलायम सिंह यादव ने मुजफ्फरनगर में शांति बहाली की दिशा में आवश्यक परामर्श ही दिया है। वे स्थिति के प्रति बहुत संवेदनशील हैं।