यूपीपीसीएल के कर्मचारियों के पीएफ घोटाले की जांच के लिए प्रवर्तन निदेशालय की टीम मंगलवार को लखनऊ पहुंची है। प्रवर्तन निदेशालय, दिल्ली के उप निदेशक नेतृत्व में आई टीम इस घोटाले में मनी लांड्रिंग के कनेक्शन खंगाल रही है।
इस पूरे मामले की जांच के लिए प्रवर्तन निदेशालय ने ईओडब्ल्यू से दस्तावेज भी हासिल किए हैं। ईओडब्ल्यू के एक अधिकारी ने बताया कि प्रवर्तन निदेशालय के अधिकारी लखनऊ आए हैं, उन्होंने ईओडब्ल्यू के अधिकारियों और विवेचक द्वारा अब तक की गई जांच के बारे में जानकारी हासिल की है।
साथ ही ईओडब्ल्यू से घोटाले से संबंधित दस्तावेज भी हासिल किए हैं। इन दस्तावेजों की पड़ताल करने के बाद प्रवर्तन निदेशालय दिल्ली में मुकदमा दर्ज करेगा। मुकदमा दर्ज होने के बाद जेल में बंद यूपीपीसीएल के पूर्व एमडी एपी मिश्रा, वित्त निदेशक सुधांशु द्विवेदी और ट्रस्ट के सचिव रहे पीके गुप्ता को रिमांड पर लेकर या जेल में जाकर उनके बयान लेगी।
ईओडब्ल्यू के अधिकारियों ने प्रवर्तन निदेशालय को बताया है कि किस तरह 28 ब्रोकर और बोगस फर्मों के माध्यम से करोड़ों रुपये का खेल किया गया। इसमें कई फर्म केवल कालेधन को सफेद करने के लिए इस्तेमाल की गईं।