बिजली संगठनों की हड़ताल पर ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने शुक्रवार को कहा कि बातचीत के रास्ते खुले हैं लेकिन जनता को जानबूझकर कर परेशान करने वाले तत्वों के साथ सख्ती बरती जाएगी। बिजली आपूर्ति बाधित करने वाले तत्वों के खिलाफ मुकदमा दर्ज होगा। उनकी सेवाएं भी समाप्त की जाएंगी। इसके लिए सभी जिलों के डीएम का सहयोग लिया जा रहा है। बीती रात बिजली के तार, फीडर को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया गया। नेशनल ग्रिड से जुड़े स्टेट लोड कंट्रोल कार्यालय में बृहस्पतिवार रात 11 बजे के बाद सिस्टम ठप करने का प्रयास करने वाले कर्मचारियों पर मुकदमा दर्ज कर सख्त कार्रवाई होगी।
उन्होंने कहा कि बिजली की सप्लाई और आपूर्ति हमारे नियंत्रण में है। प्रदेश में चार हजार मेगावाट सरप्लस बिजली है। जनता से अपील की कि ये चुनौती की घड़ी है संयम बनाए रखें। जो कर्मचारी सरकार के साथ है अपनी सेवा देना चाहता है उसे कोई ना रोके, इसका ध्यान जनप्रतिनिधि रखें। हमारे काम मे विघ्न डालने वाले को रोकें। लाइन में फाॅल्ट करने वालों जंगल आकाश, पाताल से में भी खोज निकालेंगे। स्थानीय पुलिस से भी सहयोग लिया जा रहा है। राष्ट्रीय संपत्ति का नुकसान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कुछ कर्मचारी कार्यालयों में हाजिरी लगाने के बाद हड़ताल में शामिल हो रहे हैं। आउटसोर्सिंग, संविदा के जो कर्मी काम पर नहीं हैं, उनको निकालने की कवायद शुरू कर दी गयी है। हमने डीएम को आउससोर्सिंग एजेंसियों को अपने नियंत्रण में लेने को कहा है। हमारे कार्य में अलग अलग 9 संगठन जो हमारे साथ है हम उनको धन्यवाद करते है। उन्होंने बताया कि एनटीपीसी ने हमें बिजली घर चलाने के लिए मैनपॉवर दी है। बजाज, लैंको, पावर ग्रिड कारपोरेशन आदि भी हमारा सहयोग कर रहे हैं।
बोनस की मांग पर अड़े
ऊर्जा मंत्री ने कहा कि हड़ताल पर गए कुछ संगठन बकाया बोनस का भुगतान करने पर अड़े हैं। हमने एक साल का बोनस दिया है। अभी वित्तीय स्थिति ऐसी नहीं है कि पांच वर्ष का बकाया बोनस भी दिया जा सके। स्थिति ठीक होने पर भुगतान कर दिया जाएगा।