बसपा सुप्रीमो मायावती ने कहा है कि बसपा द्वारा पार्टी मीडिया सेल का पुनर्गठन किया जाएगा। फिलहाल पार्टी का कोई प्रवक्ता नहीं है। हालांकि चुनाव के बाद मायावती ने मीडिया सेल को भंग कर दिया था पर धर्मवीर चौधरी मीडिया में पार्टी का पक्ष रख रहे थे। मायावती ने कहा है कि धर्मवीर चौधरी सहित पार्टी के जो लोग मीडिया में अपनी बात रखते हैं तो वह उनकी निजी राय होगी। पार्टी का अधिकृत वक्तव्य इसे नहीं माना जाएगा।
मायावती का यह फैसला अचंभित करने वाला है। दरअसल, अगस्त 2021 में मायावती ने धर्मवीर चौधरी , मोहम्मद फैजान, एमएच खान को प्रवक्ता बनाया था। बाद में सीमा कुशवाहा को भी इस टीम में जोड़ा गया था पर विधानसभा चुनाव के परिणाम के बाद इसे भंग कर दिया गया था। हालांकि धर्मवीर चौधरी की मानें तो उन्हें मीडिया में अपना पक्ष रखने की मंजूरी दे दी गई थी। अब मायावती ने ट्वीट किया कि नए मीडिया सेल का गठन होने तक कोई भी पार्टी का प्रवक्ता नहीं है।
अतीक के पक्ष में खड़ा होना भी माना जा रहा कारण
धर्मवीर चौधरी ने एक ट्वीट में अतीक अहमद के परिवार का बचाव किया था। उन्होंने कहा था कि उमेश पाल हत्याकांड में बीएसपी नेता शाइस्ता परवीन सीबीआई जांच की मांग कर रही हैं तो सरकार को न्याय हित में सीबीआई जांच करानी चाहिए। इससे सरकार भाग रही है। धर्मवीर के इस बयान को लेकर पार्टी पर कई सवाल खड़े हुए थे। माना जा रहा है कि अब उनसे बतौर प्रवक्ता पल्ला झाड़ने का यह भी एक कारण है। दरअसल अतीक की पत्नी शाइस्ता को बसपा ने प्रयागराज से निकाय चुनाव में महापौर पद का अभी से उम्मीदवार घोषित कर रखा है।