गोंडा। गोंडा नगर पालिका की अध्यक्ष उजमा राशिद अपने पिता व समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता रहे मरहूम कमरुद्दीन की सियासी विरासत संभाल रही हैं। रकाबगंज के जिस मकान पर अवैध रूप से कब्जेदारी का उन पर आरोप है, वह शत्रु संपत्ति तत्कालीन नगर पालिका अध्यक्ष कमरुद्दीन के कार्यकाल में ही उजमा के नाम की गई थी।
दरअसल देश की शत्रु संपत्तियां वर्ष 1967 में संरक्षक शत्रु संपत्ति गृह मंत्रालय भारत सरकार (नई दिल्ली) के नाम हस्तांतरित कर दी गई थीं। वर्ष 2020 में गोंडा के रकाबगंज स्थित शत्रु संपत्ति में किराएदार दिखाकर कब्जा किए जाने का मामला सामने आया था। पता चला कि ये शत्रु संपत्ति वर्ष 2001-02 में उजमा के नाम हुई थी। उस समय उजमा के पिता व सपा के वरिष्ठ नेता रहे कमरुद्दीन ही गोंडा नगर पालिका के अध्यक्ष थे। जांच में आरोप सही पाए जाने पर 15 जून 2023 को प्रशासन ने इस शत्रु संपत्ति को सील कर दिया था। इसके बाद उजमा के खिलाफ केस दर्ज कराया गया था।
वहीं, नगर पालिका अध्यक्ष उजमा राशिद की गिरफ्तारी पर कांग्रेस ने सवाल उठाया है। कांग्रेस जिलाध्यक्ष प्रमोद मिश्र का कहना है कि भाजपा के दबाव में प्रशासन व पुलिस ने जाल बिछाकर निर्विवाद महिला को जेल भेजने का काम किया है। ऐसा करके लोकसभा चुनाव प्रभावित करने की साजिश की गई है। जनता भी सबकुछ जान रही है।
समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष अरशद हुसैन का कहना है कि पुलिस और प्रशासन सपा के लोगों का चुन-चुनकर उत्पीड़न कर रहा है। भाजपा को लाभ पहुंचाने के लिए चुनाव के समय गिरफ्तारी कराई गई है। समाजवादी पार्टी चुप नहीं बैठेगी। इसके लिए प्रदेश स्तर तक लिखापढ़ी की जाएगी।
भारतीय जनता पार्टी के जिलाध्यक्ष अमर किशोर कश्यप ने कहा कि जिला प्रशासन और पुलिस विधि सम्मत कार्रवाई कर रहा है। शत्रु संपत्ति पर अवैध रूप से कब्जे के मामले में पूरी जांच रिपोर्ट आने के बाद ही पुलिस ने प्रशासन के निर्देश पर एफआईआर दर्ज कराई है। राजनीति से प्रेरित होने का आरोप निराधार है।