फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गजब का खेल: लखनऊ में मृत महिला के नाम दर्ज करा दी शत्रु संपत्ति, राजस्व कर्मी दबाए रहे मामला; ऐसे हुआ खुलासा

Mon, 08 Dec 2025 10:27 AM IST
भूपेन्द्र सिंह अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ

सार

राजधानी में जिम्मेदारों की मिलीभगत से पाकिस्तान गए भाइयों की जमीन (शत्रु संपत्ति) मृत महिला के नाम दर्ज करा दी गई। राजस्व कर्मी भी मामला दबाए रहे। जांच हुई तब इसका खुलासा हुआ। आगे पढ़ें पूरा मामला...
विज्ञापन
मृत महिला के नाम दर्ज करा दी शत्रु संपत्ति। - फोटो : amar ujala digital
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

राजधानी लखनऊ में मोहनलालगंज तहसील क्षेत्र के केवली गांव में जालसाजों ने राजस्व अभिलेखों में फर्जीवाड़ा कर बंटवारे के समय पाकिस्तान चले गए दो भाइयों की बेशकीमती जमीन मृत महिला के नाम दर्ज करा दी। पूरे मामले पर राजस्व कर्मी भी पर्दा डाले रहे। शिकायत के बाद तहसील अधिकारियों ने जांच कराई तो फर्जीवाड़े का खुलासा हो गया। एसडीएम ने मामले में कार्रवाई की बात कही है।

विज्ञापन


केवली गांव में गाटा संख्या 403 और 404 की जमीन मोहम्मद जुबेर और मोहम्मद बैश के नाम खतौनी में दर्ज थी। ग्रामीणों के मुताबिक आजादी के बाद बंटवारे के समय दोनों भाई पाकिस्तान चले गए थे। उनका कभी कोई वारिस लौटकर गांव नहीं आया। इसका फायदा उठाकर जालसाजों ने 13 फरवरी 2024 को तहसील कर्मियों की मिलीभगत से दुरुस्ती के फर्जी आदेश के जरिये करोड़ों की जमीन एक मृत महिला के नाम दर्ज करा दी।

आदेश निरस्त करने की कार्रवाई शुरू

ग्रामीणों को फर्जीवाड़े की भनक लगी तो गांव के संदीप कुमार ने आईजीआरएस से पूरे मामले की शिकायत जिला प्रशासन से की। तहसील अधिकारियों ने जांच कराई तो लेखपाल और राजस्व निरीक्षक ने अपनी रिपोर्ट में फर्जीवाड़े की पुष्टि कर दी। आनन-फानन राजस्व अभिलेखों से फर्जीवाड़े का आदेश निरस्त करने की कार्रवाई शुरू की गई।

हालांकि जालसाजों का नेटवर्क इतना तगड़ा रहा कि तहसीलदार की जांच रिपोर्ट के बावजूद महज गाटा संख्या 403 से ही अमलदरामद के फर्जी आदेश को निरस्त करने के लिए सुनवाई शुरू हो सकी। गाटा संख्या 404 की जांच रिपोर्ट तहसील की फाइलों में ही कैद होकर रह गई।

दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई के निर्देश

ग्रामीणों का आरोप है कि तहसील अधिकारी पिछले आठ माह में भी फर्जीवाड़े का आदेश निरस्त कर आरोपियों के विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं कर सके हैं। एसडीएम पवन पटेल ने बताया प्रकरण की जानकारी हुई है, सोमवार को तहसीलदार को पत्र लिखकर जांच का आदेश दिया जाएगा, ताकि सच्चाई सामने आए और दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की जा सके।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें