मृत महिला के नाम दर्ज करा दी शत्रु संपत्ति।
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राजधानी लखनऊ में मोहनलालगंज तहसील क्षेत्र के केवली गांव में जालसाजों ने राजस्व अभिलेखों में फर्जीवाड़ा कर बंटवारे के समय पाकिस्तान चले गए दो भाइयों की बेशकीमती जमीन मृत महिला के नाम दर्ज करा दी। पूरे मामले पर राजस्व कर्मी भी पर्दा डाले रहे। शिकायत के बाद तहसील अधिकारियों ने जांच कराई तो फर्जीवाड़े का खुलासा हो गया। एसडीएम ने मामले में कार्रवाई की बात कही है।
केवली गांव में गाटा संख्या 403 और 404 की जमीन मोहम्मद जुबेर और मोहम्मद बैश के नाम खतौनी में दर्ज थी। ग्रामीणों के मुताबिक आजादी के बाद बंटवारे के समय दोनों भाई पाकिस्तान चले गए थे। उनका कभी कोई वारिस लौटकर गांव नहीं आया। इसका फायदा उठाकर जालसाजों ने 13 फरवरी 2024 को तहसील कर्मियों की मिलीभगत से दुरुस्ती के फर्जी आदेश के जरिये करोड़ों की जमीन एक मृत महिला के नाम दर्ज करा दी।
आदेश निरस्त करने की कार्रवाई शुरू
ग्रामीणों को फर्जीवाड़े की भनक लगी तो गांव के संदीप कुमार ने आईजीआरएस से पूरे मामले की शिकायत जिला प्रशासन से की। तहसील अधिकारियों ने जांच कराई तो लेखपाल और राजस्व निरीक्षक ने अपनी रिपोर्ट में फर्जीवाड़े की पुष्टि कर दी। आनन-फानन राजस्व अभिलेखों से फर्जीवाड़े का आदेश निरस्त करने की कार्रवाई शुरू की गई।
हालांकि जालसाजों का नेटवर्क इतना तगड़ा रहा कि तहसीलदार की जांच रिपोर्ट के बावजूद महज गाटा संख्या 403 से ही अमलदरामद के फर्जी आदेश को निरस्त करने के लिए सुनवाई शुरू हो सकी। गाटा संख्या 404 की जांच रिपोर्ट तहसील की फाइलों में ही कैद होकर रह गई।
दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई के निर्देश
ग्रामीणों का आरोप है कि तहसील अधिकारी पिछले आठ माह में भी फर्जीवाड़े का आदेश निरस्त कर आरोपियों के विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं कर सके हैं। एसडीएम पवन पटेल ने बताया प्रकरण की जानकारी हुई है, सोमवार को तहसीलदार को पत्र लिखकर जांच का आदेश दिया जाएगा, ताकि सच्चाई सामने आए और दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की जा सके।