कार्यक्रम में सम्मानित की गईं महिलाएं।
लखनऊ। आजकल भोजन, पानी और रोजमर्रा के उपयोग की वस्तुओं में कई हानिकारक रसायन मिल रहे हैं, जिन्हें एंडोक्राइन डिसरप्टर्स कहा जाता है। ये रसायन शरीर के हार्मोनल सिस्टम को गहरा नुकसान पहुंचाते हैं। इससे महिलाओं में मासिक धर्म की अनियमितता, बांझपन, पीसीओएस, थायरॉइड विकार, गर्भावस्था संबंधी दिक्कतें और कुछ कैंसर जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। ये जानकारी एम्स ऋषिकेश की डॉ. जया चतुर्वेदी ने शुक्रवार को क्वीनमेरी अस्पताल के 93वें स्थापना दिवस समारोह में दी।
क्वीनमेरी की विभागाध्यक्ष डॉ. अंजू अग्रवाल ने बताया कि कई बच्चे समय से पहले जन्म लेते हैं, जिनका वजन कम होता है और प्रतिरोधक क्षमता कमजोर रहती है। ऐसे नवजात बीमारियों की चपेट में जल्दी आते हैं। उन्होंने कहा कि समयपूर्व जन्मे बच्चों को मां के साथ रखना बेहद जरूरी है। शिशु को मां के शरीर से चिपकाकर रखने की सलाह दी जाती है, जिससे उसके वजन और शारीरिक विकास में तेजी आती है।
उन्होंने बताया कि अस्पताल में मेटरनल सिक न्यू बॉर्न केयर यूनिट बनाई गई है, जहां मां और बच्चे के एक साथ रहने की व्यवस्था है। इस यूनिट में 10 बेड उपलब्ध हैं। मुख्य अतिथि कुलपति डॉ. सोनिया नित्यानंद ने कहा कि क्वीनमेरी अस्पताल का 93 वर्षों का इतिहास महिलाओं और गर्भवती मरीजों की सेवा को समर्पित रहा है। यहां डॉक्टर तैयार किए जा रहे हैं और इलाज के नए तरीके विकसित किए जा रहे हैं। डॉ. सुजाता देव ने भी विभाग के बेहतर कामकाज और महिलाओं के स्वास्थ्य को लेकर की जा रही पहल पर संतोष जताया।
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नई उपलब्धियां
बेबी फीडिंग पॉड : यहां माएं आराम से शिशुओं को दूध पिला सकती हैं।
6 नई विशेषज्ञ क्लीनिक : दोपहर 2 से 4 बजे तक संचालित होती है।
कार्यक्रम में सम्मानित की गईं महिलाएं।
कार्यक्रम में सम्मानित की गईं महिलाएं।
कार्यक्रम में सम्मानित की गईं महिलाएं।
कार्यक्रम में सम्मानित की गईं महिलाएं।
कार्यक्रम में सम्मानित की गईं महिलाएं।
कार्यक्रम में सम्मानित की गईं महिलाएं।