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Lucknow News: कुलसचिव को हटाने की मांग पर कर्मचारियों ने की हड़ताल, पुलिस से हुई नोकझोंक

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प्रदर्शन करते कर्मचारी।
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लखनऊ। एस्मा लागू होने के बावजूद केजी मेडिकल कॉलेज एंड जीएम एंड एसोसिएटेड हॉस्पिटल कर्मचारी परिषद ने मंगलवार को केजीएमयू में हड़ताल की। कर्मचारियों ने कुलसचिव अर्चना गहरवार को हटाने की मांग को लेकर केजीएमयू परिसर में नारेबाजी की। इस दौरान परिसर में भारी पुलिस बल तैनात रहा और पुलिस व कर्मचारियों के बीच नोकझोंक भी हुई।
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परिषद के अध्यक्ष विकास सिंह और महामंत्री अनिल कुमार ने समर्थकों के साथ सीबी हॉस्टल से रैली निकाली। रैली न्यूरो सर्जरी विभाग, प्लास्टिक सर्जरी और नेत्र रोग विभाग होते हुए प्रशासनिक भवन पहुंची। कर्मचारियों ने कुलसचिव अर्चना गहरवार को हटाने के लिए नारे लगाए। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को प्रशासनिक भवन में प्रवेश से रोकने का प्रयास किया।
कुलसचिव अर्चना गहरवार ने हड़ताल और प्रदर्शन की रिपोर्ट शासन के उच्च अधिकारियों को भेजी है। रिपोर्ट में एस्मा का हवाला दिया गया है, जिससे कर्मचारियों की पहचान की संभावना है। प्रदर्शन के बाद कर्मचारियों की कुलपति सोनिया नित्यानंद से वार्ता हुई। कुलपति ने तीन दिन के भीतर समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया, जिसके बाद आंदोलन स्थगित हुआ।
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ये हैं मांगें
-कुलसचिव को हटाकर किसी संवेदनशील अधिकारी की तैनाती की जाए।
-18 मई को प्रशासन की ओर से दिए गए आश्वासन के तहत लंबित काम एक महीने में पूरे किए जाएं।
-वेतन, पदोन्नति, कैडर निर्धारण और खाली पदों पर भर्ती प्रक्रिया जल्द शुरू की जाए।
-20 नवंबर 2025 की कार्यकारिणी परिषद की बैठक में लिए गए फैसलों और 5 कैडर के अनुमोदन को लागू किया जाए।
-कार्यकारिणी परिषद के निर्णयों और शासन के आदेशों का प्रभावी ढंग से पालन किया जाए।
-कर्मचारियों के तीन महीने से रुके वेतन का तत्काल भुगतान किया जाए और भविष्य में समय पर वेतन मिले।
-आवाज उठाने पर तबादला करने और फाइलों को शासन भेजने की प्रवृत्ति पर रोक लगाई जाए।
-राज्य सरकार की जनहितकारी नीतियों के क्रियान्वयन में बाधा डालने वाली कार्यप्रणाली बंद की जाए।
Iनिवर्तमान कर्मचारी परिषद के अध्यक्ष व महामंत्री के जरिये लगाए गए 13 बिंदुओं वाले आरोप निराधार हैं। इस संबंध में उन्हें सभी बिंदुओं पर साक्ष्य प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया था परंतु उन्होंने पत्र लेने से मना कर दिया, जो घोर अनुशासनहीनता है। संस्थान में एस्मा लागू होने के बाद उसका उल्लंघन किया गया है। कर्मचारियों के हित में लगातार कार्य किए गए हैं। 485 पदोन्नतियां, 423 एसीपी प्रकरण, 495 जीपीएफ लोन, 908 वेतन निर्धारण और 150 सेवानिवृत्ति लाभ स्वीकृत किए गए हैं।I
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I- अर्चना गहरवार, कुलसचिव, केजीएमयूI
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