एलडीए में अब 50 साल पार करने वाले कामचोर कर्मचारी और अधिकारी वीसी प्रभु एन सिंह के राडार पर हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर 50 साल से अधिक उम्र के स्टाफ की छंटनी के लिए स्क्रीनिंग कमेटी ने अपना काम शुरू कर दिया है।
वीसी की बनाई स्क्रीनिंग कमेटी में सचिव जयशंकर दुबे अध्यक्ष, वित्त नियंत्रक राजीव कुमार सिंह, अधिष्ठान विभाग से संयुक्त सचिव महेंद्र मिश्र और इंजीनियरिंग विभाग से अधीक्षण अभियंता शबीह हैदर को रखा गया है। यह कमेटी सभी कर्मचारियों और अधिकारियों के काम पर निगाह रखेगी। कमेटी उनके काम, व्यवहार, परिणाम देने की क्षमता का आकलन करेगी।
2026 तक 70 प्रतिशत स्टाफ होना रिटायर
एक अधिकारी ने बताया कि तैनात स्टाफ में से अधिकांश 2026 से पहले रिटायर हो जाएंगे। मोटा आकलन यह है कि एलडीए में 70 प्रतिशत स्टाफ 50 साल की उम्र पार कर चुका है।
सचिव का कहना है कि कमेटी केवल उन स्टाफ को चिन्हित करेगी, जो कोई काम नहीं कर रहे हैं। अगर 50 साल की उम्र के बाद भी उनका प्रदर्शन अच्छा है तो उन्हें अनिवार्य सेवानिवृत्ति के लिए प्रस्तावित नहीं किया जाएगा।
रिटायरमेंट देना समस्या का हल नहीं
एलडीए कर्मचारी संघ के अध्यक्ष शिवप्रताप सिंह का कहना है कि जिस स्टाफ को स्क्रीनिंग कर अनिवार्य सेवानिवृत्ति देने की बात हो रही है। उन्हें जबरन रिटायर करने की जगह उनसे काम कराने के लिए प्रोत्साहन करने की जरूरत है।
विकास प्राधिकरण के अधिकारी स्टाफ को मोटीवेशन और ट्रेनिंग देकर उनके प्रदर्शन को सुधारें। अगर इसके बाद भी परिणाम अच्छे न आएं तो अनिवार्य सेवानिवृत्ति के बारे में सोचा जाए।