लखनऊ। आम बजट पर चर्चा करते हुए उद्यमियों ने बताया कि सरकार का सबसे ज्यादा जोर मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर पर रहा है। इससे देश और प्रदेश की आर्थिक स्थिति को उछाल मिलेगा। उद्यमियों ने माइक्रो एंटरप्राइजेज के लिए पांच लाख तक क्रेडिट कार्ड और एक्सपोर्ट को बढ़ावा देने वाला बजट बताया। कहा कि जिस उत्पाद का अधिक से अधिक एक्सपोर्ट हो सकता है, उस पर सबसे ज्यादा फोकस है।
गोमतीनगर के विभूतिखंड स्थित आईआईए भवन में उद्यमियों ने बजट पर चर्चा का आयोजन किया। राष्ट्रीय अध्यक्ष नीरज सिंघल ने कहा कि हमारी तमाम मांगों में से सरकार ने एमएसएमई के लिए क्लासिफिकेशन में संशोधन को स्वीकार किया है। निवेश सीमा ढाई गुना और टर्नओवर सीमा दोगुना होने से एमएसएमई उद्यमियों की अड़चनें दूर होंगी और सरकारी भरोसा मिलेगा। वरिष्ठ उपाध्यक्ष दिनेश गोयल ने कहा कि पहली बार उद्यमियों को दो करोड़ रुपये तक का सावधि ऋण देने के एलान से नए सूक्ष्म और लघु उद्यमों को बढ़ावा मिलेगा। स्किल डेवलपमेंट के संस्थान खोलने के साथ साथ उनकी निगरानी भी हो।
महासचिव आलोक अग्रवाल ने फुटवियर और चमड़ा क्षेत्र के लिए फोकस उत्पाद योजना लागू करने की घोषणा का स्वागत कर कहा कि इससे उत्पादन, रोजगार व निर्यात में इजाफा होगा। खिलौना क्षेत्र में विशेष प्रावधान से चीन के साथ देश कड़ी प्रतिस्पर्धा में खड़ा हो सकता है। कोषाध्यक्ष अवधेश अग्रवाल, पूर्व अध्यक्ष संजय कौल ने कहा कि वित्त मंत्री ने एमएसएमई के लिए ऋण गारंटी में इजाफे का एलान किया है, लेकिन फिर भी जमीनी हकीकत अलग है। अब भी 10 लाख रुपये से अधिक की राशि होने पर कोलेटरल सिक्योरिटी की मांग की जाती है। एमएसएमई के विलंबित भुगतान का मुद्दा अब भी अनसुलझा है। सीए जतिन श्रीवास्तव ने कहा कि इस बजट में मैन्युफैक्चरिंग और पर्यटन पर ध्यान केंद्रित करने से देश में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। चर्चा में 50 से ज्यादा उद्यमी व अन्य लोग शामिल रहे।