लखनऊ। दुबग्गा में हरदोई रोड स्थित मस्जिद अबू तालिब (अ.स.) में जुमातुल विदा की नमाज शुक्रवार को अकीदत के साथ अदा की गई। नमाज मौलाना काजमी वाहिदी साहब की इमामत में हुई, जिसमें बड़ी संख्या में नमाजियों ने शिरकत की।
जुमे के खुत्बे में मौलाना काजमी वाहिदी ने जुमातुल विदा की अहमियत बयान करते हुए कहा कि यह दिन बरकत, मग़फिरत और फजीलत से भरपूर होता है। उन्होंने कहा कि यह मुबारक मौका अल्लाह की रहमत हासिल करने, रमजान की आखिरी घड़ियों की कद्र करने और अपने गुनाहों से तौबा करने का बेहतरीन समय है। इस दिन इबादत, तिलावत और दुआओं का खास एहतमाम करने से विशेष सवाब मिलता है।
मौलाना ने कहा कि फितरा इंसान को साल भर आने वाली मुसीबतों से महफूज रखने का जरिया है। उन्होंने अपील की कि फितरा शब-ए-ईद में ही अदा कर देना चाहिए, ताकि गरीबों, जरूरतमंदों और बेसहारा लोगों को ईद की खुशियों में शामिल होने का मौका मिल सके।