ट्रांसपोर्टनगर स्थित पार्किंग नंबर सात में जांच करते आरटीओ व अन्य अफसर।
लखनऊ। ट्रांसपोर्टनगर स्थित पार्किंग संख्या सात में खड़ी प्राइवेट बस (यूपी 87 सीटी 8889) में सामान लादने के लिए लोहे का स्ट्रक्चर अलग से छत पर लगाया गया था। इस कारण बस एक ओर झुक गई थी। दूसरी बस में इमरजेंसी गेट नहीं खुल रहा था तो कई बसों में आग बुझाने के यंत्र नहीं थे। चार बसों में सीटें बढ़ाई गई थीं।
आगरा एक्सप्रेसवे पर बीते रविवार को प्राइवेट बस में आग लगने की घटना के बाद आरटीओ ने बुधवार को अभियान चलाया। ट्रांसपोर्टनगर स्थित पार्किंग संख्या सात में खड़ीं 36 में से छह प्राइवेट बसों में तमाम खामियां मिलीं। आरटीओ प्रशासन संजय तिवारी, आरटीओ प्रवर्तन प्रभात पांडेय के नेतृत्व में इन बसों के कागज जांचे गए।
प्रभात पांडेय ने बताया कि छह बसों में इमरजेंसी निकासी सही आकार व जगह पर नहीं थी। अग्निशमन यंत्र मानक अनुरूप नहीं मिले। कुछ बसों में तो ये उपकरण थो ही नहीं। चार बसों में यात्रियों के बैठने की क्षमता बढ़ाने के लिए अतिरिक्त सीटें लगाई गई थीं। जांच में एआरटीओ प्रवर्तन राजीव कुमार बंसल, यात्री कर अधिकारी मनोज भारद्वाज, अनीता वर्मा शामिल रहे। चेकिंग अभियान बृहस्पतिवार को भी चलाया जाएगा।
बसों का होगा चालान
आरटीओ प्रशासन ने बताया कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वाली बसों के फिटनेस प्रमाणपत्र निरस्त किए जाएंगे। इन बसों का विवरण संबंधित राज्यों व आरटीओ को भेजकर कार्रवाई करवाई जाएगी। इन बसों के चालान भी किए जाएंगे।
ट्रांसपोर्टनगर स्थित पार्किंग नंबर सात में जांच करते आरटीओ व अन्य अफसर।
ट्रांसपोर्टनगर स्थित पार्किंग नंबर सात में जांच करते आरटीओ व अन्य अफसर।