रायबरेली। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में बुधवार को इमरजेंसी सेवा शुरू हो गई। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, रसायनिक एवं खाद्य मंत्री मनसुख मांडविया ने एम्स में आपातकालीन सेवा के साथ ही एनआईसीयू व एमआरयू का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि एम्स में लगातार विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाएं बढ़ाई जा रही हैं। एम्स में जल्द कई फैसिलिटी व फैकल्टी की सुविधा मरीजों को मिलनी शुरू हो जाएगी।
केंद्रीय मंत्री बुधवार को रायबरेली एम्स पहुंचे। एम्स में उन्होंने आपात कालीन सेवा के साथ ही नवजात शिशु बाल गहन चिकित्सा इकाई (एनआईसीयू) का शुभारंभ किया। इसके अलावा एकेडमिक के लिए मल्टी डिसीप्लीनरी रिसर्च यूनिट (एमआरयू) का भी शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि एमआरयू में एकेडमिक बच्चों को रिसर्च के लिए समुचित सुविधाएं मुहैया होंगी। एक-एक करके एम्स का विस्तार हो रहा है। जिले के साथ ही आसपास के मरीजों को यहां बेहतर इलाज का लाभ मिलेगा।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि आपातकालीन सेवा के आरंभ होने के बाद मरीजों को 24 घंटे इलाज की सुविधा मिलेगी। अब तक ओपीडी में आने वाले मरीजों को ही भर्ती करके चिकित्सीय सुविधा दी जा रही थी। आपातकालीन सेवाओं में धीरे-धीरे विस्तार होगा। इस मौके पर प्रदेश के चिकित्सा एवं परिवार कल्याण राज्यमंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह, कृषि राज्य मंत्री दिनेश प्रताप सिंह, एम्स निदेशक प्रो. अरविंद राजवंशी, अपर निदेशक प्रशासन डॉ. एसके सिंह, रजिस्ट्रार डॉ. भोलानाथ, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी समीर शुक्ला, डॉ. सुयश सिंह, डॉ. नीरज श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।
केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, रसायनिक एवं खाद्य मंत्री मनसुख मांडविया ने एम्स में न केवल सुविधाओं का शुभारंभ किया, बल्कि मरीजों के बीच में बैठकर उनके दर्द को भी सुना। परिसर में खुले मेडिकल स्टोर के निरीक्षण के दौरान उन्होंने मरीजों से बात की। कई मरीजों ने बताया कि पूरी दवाएं यहां नहीं मिल पाती है। ऐसे में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कई मरीजों से कहा कि परेशान कतई न हों। एम्स में इलाज के बाद आप लोग स्वस्थ हो जाएंगे। मरीजों से उन्होंने मिलने वाली स्वास्थ्य सेवाओं के बारे में भी जानकारी ली। काफी देर तक मरीजों के बीच में रहने के बाद इमरजेंसी परिसर को भी देखा। उन्होंने फैकल्टी और एमबीबीएस व पीजी के छात्रों से भी पढ़ाई के बारे में बात की।
एम्स के उप चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सुयश सिंह ने बताया कि आपातकालीन सेवा आरंभ होने के बाद मरीजों को 24 घंटे चिकित्सीय सुविधा मिलेगी। हॉर्ट अटैक, स्ट्रोक, किडनी, सर्पदंश सहित अन्य अचानक बीमारियों के चपेट में आने वाले मरीजों को भर्ती करके इलाज किया गया है। जल्द ही घायलों को भी इमरजेंसी में भर्ती करके इलाज की सुविधा मिल सकेगा।
एम्स में इमरजेंसी सेवा शुरू न होने से अब तक ओपीडी में आए रोगियों को ही भर्ती किया जाता था। अब रोगी कभी भी इमरजेंसी में पहुंच सकते हैं। इमरजेंसी में चिकित्सक व अन्य स्टाफ की व्यवस्था की गई है। मरीजों के आने पर विशेषज्ञ चिकित्सकों को बुलाकर इलाज शुरू कराया जाएगा।