कतर्नियाघाट-बिछिया मार्ग पर एक हाथी शनिवार को चिंघाड़ने लगा। हाथी के बीच सड़क पर खड़े होने से वाहनों का आवागमन ठप हो गया। लगभग 20 मिनट तक वह सड़क पर चिंघाड़ता रहा। इससे यात्री दहशत में रहे। रेलकर्मियों के हथौड़े से पीपा पीटने पर हाथी जंगल की ओर गया।
कतर्नियाघाट संरक्षित वन क्षेत्र में नेपाली हाथियों की आमद बढ़ गई है। शुक्रवार सुबह हाथियों का झुंड मझरा-बिछिया रेलवे ट्रैक पर पहुंच गया था। इससे पांच मिनट तक पैसेंजर ट्रेन ट्रैक पर ही खड़ी रही। शनिवार सुबह आठ बजे एक टस्कर हाथी कतर्नियाघाट-बिछिया मार्ग पर आ गया।
बिछिया रेलवे स्टेशन के गेटमैन गौतम कुमार और निरंजन कुमार ने उसे देख लिया। उन्होंने शोर मचाना शुरू कर दिया। इस पर हाथी बीच सड़क पर जाकर डट गया। दोनों ओर से आ रहे वाहनों को चालकों ने दूर ही रोक लिया। मार्ग पर आवागमन ठप हो गया। वाहन चालकों ने हार्न बजाया। गेटमैन ने हथौड़े से पीपा पीटकर हांका लगाया।
इस पर हाथी जंगल की ओर चला गया। लोगों के मुताबिक लगभग 20 मिनट तक हाथी मार्ग पर डटा रहा। हाथी के जाने के बाद आवागमन शुरू हो सका। इस दौरान ग्रामीण दहशत में रहे। सभी ने मामले की जानकारी रेंज कार्यालय कतर्नियाघाट पर दी है।