लखनऊ। राजधानी में चार 33/11 केवी बिजलीघरों का निर्माण एक साथ शुरू हुआ है। इससे दो लाख की आबादी की बिजली व्यवस्था बेहतर होगी। इसमें शामिल 40 हजार परिवारों और व्यापारियों को पिछली गर्मी के मुकाबले बेहतर बिजली मिलेगी।
करीब 42 करोड़ रुपये खर्च कर तैयार किए जा रहे बिजलीघरों के सितंबर से चालू होने का सिलसिला शुरू होगा। इससे पुराने बिजलीघरों का बोझ कम होगा और फॉल्टों में कमी आएगी। नए बिजलीघर आशियाना में लोकबंधु अस्पताल के पास, सरोजनीनगर के विद्युत प्रशिक्षण संस्थान परिसर, सिसेंडी मोहनलालगंज और एफसीआई काकोरी मोड़ के पुराने बिजलीघर परिसर में बनाए जा रहे हैं।
एक बिजलीघर से औसतन 10 हजार कनेक्शन धारकों को बिजली मिलेगी। लोकबंधु अस्पताल के पास बनाए जा रहे बिजलीघर का निर्माण पुरातत्व विभाग की आपत्ति पर रुक गया है, जिसे 10-15 दिन में दूर कर दिया जाएगा।
इन्हें मिलेगा सबसे ज्यादा आराम
मोहनलालगंज उपकेंद्र के सिसेंडी, भीलमपुर, उत्तरगांव, धनुवासाड, भौंदरी, महेश खेड़ा, रानी खेड़ा, हरीखेड़ा, इमलिहाखेड़ा, मनोहरापुर, मीनापुर, ललूमर, हिलगी, संताखेड़ा, रानी सुभद्रा खेड़ा, शंकर खेड़ा, तिलोकपुर, भदेसुआ, मंसब खेड़ा, रघुनाथ खेड़ा, भरसवा, बेलहिया खेड़ा, कुवर खेड़ा, रायपुर, गोडरा, केसरीखेड़ा, अयोध्या खेड़ा, भूड़ खेड़ा, डेबरिया, हीरालाल खेड़ा, अहमद खेड़ा समेत 40 गांवों की 60 हजार की आबादी को सिसेंडी में नया बिजलीघर चालू होने से सबसे ज्यादा आराम मिलेगा। अभी इन्हें मोहनलालगंज के पुराने उपकेंद्र से बिजली मिलती है। मध्यांचल विद्युत वितरण निगम के निदेशक (तकनीकी) हरीश बंसल का कहना है कि चारों बिजलीघरों से उपभोक्ताओं को आठ महीने में बिजली मिलने लगेगी। इसके लिए बिजलीघरों को बनाने व लाइन का काम साथ-साथ शुरू कर दिया गया है।
नए बिजलीघरों की क्षमता और लागत
बिजलीघर क्षमता लागत
लोकबंधु एलडीए कानपुर रोड 10 एमवीए 15.30 करोड़
विद्युत प्रशिक्षण संस्थान 10 एमवीए 6.19 करोड़
सिसेंडी मोहनलालगंज 10 एमवीए 8.75 करोड़
एफसीआई काकोरी मोड़ 10 एमवीए 11.30 करोड़
नोट : (पांच-पांच एमवीए क्षमता के दो-दो पावर ट्रांसफार्मर लगाए जाएंगे)