लोकसभा चुनाव के मद्देनजर गांवों की आपूर्ति बढ़ाने को अतिरिक्त बिजली खरीदने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
मंगलवार को 1000 मेगावाट बिजली के लिए हुए टेंडर में निजी व सार्वजनिक क्षेत्र की 15 कंपनियों ने हिस्सा लिया।
देर शाम तक सभी कंपनियों के टेंडर खोल दिए गए लेकिन अभी यह ब्यौरा तैयार नहीं हो पाया है कि किस कंपनी ने किस दर पर बिजली देने की पेशकश की है।
बुधवार से सभी कंपनियों के प्रस्तावों का परीक्षण करके दरों का तुलनात्मक ब्यौरा तैयार किया जाएगा। इसके बाद पूरा मामला अंतिम निर्णय के लिए बिड मूल्यांकन कमेटी के समक्ष रखा जाएगा।
पावर कॉर्पोरेशन ने अगले महीने से गांवों की बिजली आपूर्ति बढ़ाने के लिए 1000 मेगावाट अतिरिक्त बिजली खरीदने का फैसला किया है। इसके लिए आज टेंडर खोले गए।
कॉर्पोरेशन के सूत्रों केअनुसार टेंडर में पावर ट्रेडिंग कंपनी, एनटीपीसी, विद्युत व्यापार निगम, ग्लोबल एनर्जी, टाटा पावर, अडानी, मित्तल प्रोसेसर, जेएसडब्ल्यू समेत सार्वजनिक व निजी क्षेत्र की कुल 15 कंपनियों ने हिस्सा लिया है।
अभियंताओं का कहना है कि देर शाम तक सभी टेंडर खोल दिए गए हैं लेकिन अभी प्रोसेसिंग शुरू नहीं हो पाई है।
बुधवार से यह काम होगा और इसके बाद विस्तृत रिपोर्ट तैयार करके मूल्यांकन समिति को भेजी जाएगी। बिजली दरों का आकलन करके मूल्यांकन समिति तय करेगी कि किस कंपनी से बिजली खरीदी जाए।
न्यूनतम दर वाली कंपनियों से बिजली खरीदने के लिए करार करके औपचारिक रूप से लेटर ऑफ इंडेंट (एलओआई) जारी किया जाएगा। यह बिजली एक जनवरी से 31 अगस्त 2014 तक खरीदी जानी है।