अगले साल सभी श्रेणियों में बिजली की दरें बढ़ना लगभग तय माना जा रहा है।
पावर कॉर्पोरेशन वार्षिक राजस्व आवश्यकता (एआरआर) के बाद अब विद्युत नियामक आयोग के समक्ष टैरिफ (बिजली दर) प्रस्ताव दाखिल करने की तैयारी में है।
फिलहाल दरों में आठ से 10 फीसदी की वृद्धि प्रस्तावित की गई है लेकिन अंतिम रूप से आयोग के समक्ष दाखिल करने से पहले इसमें बदलाव किया जा सकता है।
पावर कॉर्पोरेशन ने बिजली कंपनियों की तरफ से नियामक आयोग के समक्ष 29 नवंबर को वर्ष 2014-15 के लिए 43,393 करोड़ रुपये का एआरआर दाखिल किया है।
अब टैरिफ प्रस्ताव दाखिल करने की कवायद चल रही है। एआरआर के अनुसार वर्ष 2014-15 में बिजली कंपनियों ने 7,725 करोड़ रुपये के घाटे का अनुमान है।
घाटे को कम करने के लिए दरों में आठ से 10 फीसदी बढ़ोतरी का प्रस्ताव है। बुधवार को मुख्य सचिव जावेद उस्मानी के समक्ष टैरिफ प्रस्ताव का प्रस्तुतीकरण किया गया।
मुख्य सचिव ने इसमें कुछ और संशोधन करने को कहा है। इसके बाद इसे एनर्जी टास्क फोर्स (ईटीएफ) के समक्ष मंजूरी के लिए रखा जाएगा।
ईटीएफ की हरी झंडी के बाद मुख्यमंत्री से अनुमोदन लेकर इसे नियामक आयोग के समक्ष दाखिल किया जाएगा। अगले सप्ताह तक आयोग को प्रस्ताव सौंपे जाने की उम्मीद है ताकि 31 मार्च से पहले सारी औपचारिकताएं पूरी कराकर 1 अप्रैल से नई दरें लागू कर दी जाएं।