लखनऊ। उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन (यूपीपीसीएल) के खिलाफ लखनऊ परिक्षेत्र व्यापार मंडल से जुड़े व्यापारियों ने तालकटोरा उपकेंद्र पर प्रदर्शन किया। उन्होंने बिजली के बढ़े हुए लोड, मीटरों की जांच और शिकायत निवारण प्रणाली में सुधार की मांग की। संगठन ने लखनऊ के सभी बाजारों में लगे बिजली मीटरों की जांच कराने की मांग की है। व्यापारियों का कहना है कि जांच के आधार पर बिजली का लोड घटाया-बढ़ाया जाए। गलत तरीके से बढ़ाए गए बिजली लोड को कम किया जाए और उपभोक्ताओं से वसूला गया अतिरिक्त शुल्क वापस किया जाए।
व्यापारियों ने 1912 हेल्पलाइन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। आरोप लगाया कि शिकायत दर्ज होने के चार घंटे के भीतर उनका निस्तारण नहीं होता। कई मामलों में शिकायतें 24 से 48 घंटे तक लंबित रहती हैं। हेल्पलाइन पर कार्यरत ऐसे अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की गई है। इसके अतिरिक्त, सभी उपकेंद्रों पर शिकायतों को मैन्युअल रूप से दर्ज करने की पुरानी व्यवस्था बहाल करने की मांग भी की गई।
व्यापारियों ने कहा कि यदि डिजिटल माध्यम से बिजली का लोड बढ़ाया जा सकता है, तो कम उपयोग होने पर इसे स्वतः कम क्यों नहीं किया जाता? संगठन ने उपभोक्ताओं के लिए दिशा-निर्देश और कॉर्पोरेशन की नीतियों पर स्पष्ट जवाब देने की मांग की है। प्रदर्शन में संगठन के महामंत्री कनिष्क गुप्ता, कोषाध्यक्ष हरप्रीत साहली और अध्यक्ष ऋषभ गुप्ता सहित अन्य उपभोक्ता मौजूद रहे।
प्रदर्शन करते व्यापारी।