बिजली क्षेत्र का निजीकरण किए बिना सुधार को लेकर बिजली विभाग के अधिकारी कार्ययोजना तैयार करेंगे। इस मुद्दे पर उत्तर प्रदेश पावर ऑफिसर्स एसोसिएशन के केंद्रीय पदाधिकारियों ने रविवार को प्रदेश भर के दलित व पिछड़े वर्ग के अभियंताओं के साथ वर्चुअल मीटिंग की। इसमें बिजली क्षेत्र में सुधार, बेहतर उपभोक्ता सेवा व राजस्व वसूली बढ़ाने विचार किया गया।
एसोशिएसन के कार्यवाहक अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने कहा मौजूदा हालात में उपभोक्ताओं का विश्वास जीतना बड़ी चुनौती है। सभी अधिशासी अभियंता राजस्व बढ़ाने के लिए अपने खंड के उन उपभोक्ताओं की सूची तैयार करें जो बिजली का भुगतान लंबे समय से नहीं कर रहे हैं। यदि उनका बिल गलत है तो तुरंत उसमें सुधार करें और बकाया बिल जमा करने के लिए प्रेरित करें।
यह भी तय किया गया कि हर अधिशासी अभियंता अपने एक उपकेंद्र को सर्वप्रथम योजना बनाकर उसे मॉडल उपकेंद्र के रूप में विकसित करेगा, जहां पर बिजली बिल, नया संयोजन, राजस्व वसूली, एनर्जी अकाउंटिंग का शत प्रतिशत मानक बने और फिर उसके आधार पर सभी क्षेत्रों में सुधार की योजना बनाई जाय। फैसला किया गया कि जल्द ही सभी सहयोगियों की राय पर सुधार कार्ययोजना पावर कॉर्पोरशन प्रबंधन व ऊर्जामंत्री को सौंपा जाएगा।