रायबरेली। विद्युत उपकेंद्र उत्तरपारा से जुड़े करीब 130 गांवों की बिजली पटरी पर नहीं लौट पाई है। 30 घंटे में महज दो घंटे बिजली मिली। इससे लोगों को जहां गर्मी से दो चार होना पड़ रहा है, वहीं अन्य समस्याओं से लोग बेहाल रहे। लोगों के मोबाइल तक चार्ज नहीं हो पाए। इससे लोगों में जबरदस्त नाराजगी है।
विद्युत उपकेंद्र उतरपारा से छोटे-बड़े मिलाकर 130 गांवों को बिजली की आपूर्ति होती है। शनिवार बिजली आपूर्ति हो रही थी। सुबह करीब 10 बजे बिजली गुल हो गई। दिन भर बिजली नहीं आई। शाम करीब छह बजे पता चला कि डलमऊ ट्रांसमिशन से उतरपारा विद्युत उपकेंद्र आने वाली 33 केवी लाइन में फॉल्ट आ गई। पावर कॉर्पोरेशन की टीम ने रातभर खोजबीन की, लेकिन फॉल्ट का पता नहीं चला। रविवार सुबह 10 बजे फॉल्ट मिला तो 10:50 पर बिजली आपूर्ति शुरू हुई। दोपहर एक बजे फिर बिजली चली गई। 30 घंटे में महज दो घंटे बिजली मिलने से लोगों में नाराजगी है।
कटौती से लोगों में बढ़ रहा गुस्सा
अंधाधुंध कटौती से उपभोक्ताओं में नाराजगी है। सूरजकुंडा गांव के रामपियारे ने बताया कि बिजली कटौती से रात की नींद हराम है। मच्छरों के आतंक से लोग सो नहीं पा रहे हैं। सुलखियापुर गांव निवासी अजय कुमार मौर्य ने बताया कि बिजली नहीं आने से मोबाइल तक चार्ज नहीं हो पा रहे हैं। ग्रामीणों को पेयजल संकट से जूझना पड़ रहा है। खनुवा गांव निवासी रामसेवक यादव, नथईपुर निवासी जीतू यादव ने बताया कि बिजली कटौती से कारोबार प्रभावित हो रहा है।
दो साल पहले बनी लाइन में अक्सर रहता फाॅल्ट
उतरपारा विद्युत उपकेंद्र को पहले गदागंज उपकेंद्र से जोड़कर चलाया जा रहा था। ओवरलोड के चलते दो साल पहले उतरपारा के लिए अलग से लाइन बनाई गई, लेकिन लाइन के बनाने में इतनी ज्यादा मनमानी की गई कि आए दिन फॉल्ट बना रहता है। कहीं इंसुलेटर खराब हो रहे हैं, तो कहीं जंफर कट जाता है।
समस्या को दूर कराने के दिए निर्देश
उतरपारा उपकेंद्र की 33 केवी लाइन में फॉल्ट आने के चलते बिजली बंद हुई है। अभियंताओं को फॉल्ट ठीक कराकर बिजली आपूर्ति बहाल कराने के निर्देश दिए गए हैं।
-आरएन सरोज, अधीक्षण अभियंता विद्युत वितरण मंडल प्रथम