रायबरेली। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) में हर साल राज्य स्तर पर अपनी मेधा की धाक जमाने वाले जिले के मेधावियों की संख्या बढ़ती जा रही है। कभी मेरिट लिस्ट में सिर्फ नगरीय क्षेत्र के गिने-चुने स्कूल के बच्चे ही जगह बना पाते थे, लेकिन अब सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों के मेधावी भी अपनी मेधा की बदौलत जिला और राज्य स्तरीय वरीयता सूची में स्थान बनाकर नाम रोशन कर रहे हैं। इससे साबित है कि गांवों के बच्चे भी पढ़ाई पर ध्यान दे रहे हैं। स्कूलोंं में भी प्रतिस्पर्धा बढ़ी है।
यूपी बोर्ड के पिछले तीन साल के आंकड़ों पर गौर करें। वर्ष 2022 की परीक्षा में लगभग 65 हजार छात्र-छात्राएं पंजीकृत रहे, जिनमें राज्य स्तरीय वरीयता सूची में हाईस्कूल के तीन और इंटरमीडिएट के एक मेधावी ने स्थान अर्जित किया था। जिला स्तरीय वरीयता सूची में 31 मेधावी आए थे, जिनमें हाईस्कूल के 19 और इंटर के 12 मेधावी शामिल हैं। वर्ष 2023 की परीक्षा में पंजीकृत छात्र-छात्राओं की संख्या 75 हजार से अधिक रही। इनमें से आठ मेधावी राज्य स्तरीय वरीयता सूची में जगह बनाने में सफल हुए थे, जिनमें हाईस्कूल के दो और इंटर के छह मेधावी शामिल हैं। जिला स्तरीय वरीयता सूची में 45 मेधावियोंं को जगह मिली, जिनमें हाईस्कूल के 25 और इंटर के 20 मेधावी शामिल रहे।
शनिवार को आए वर्ष 2024 की परीक्षा के परिणाम देखने के बाद पता चला कि मेधावियों की संख्या पिछले दो वर्षों के मुकाबले बढ़ी है। परीक्षा में 70 हजार से अधिक छात्र-छात्राएं पंजीकृत रहे। नौ मेधावियों ने राज्य स्तरीय वरीयता सूची में जगह बनाई। इनमें इंटर के छह और हाईस्कूल के तीन मेधावी शामिल हैं। जिला स्तरीय वरीयता सूची की बात करें तो 42 मेधावियों को जगह मिली, जिनमें हाईस्कूल के 19 और इंटरमीडिएट के 23 मेधावी शामिल हैं। राज्य स्तरीय वरीयता सूची में हर साल बढ़ती मेधावियों की संख्या सिर्फ नगरीय क्षेत्र के विद्यालयों की नहीं है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्र के मेधावी भी पहुंच रहे हैं।
ग्रामीण क्षेत्र के स्कूलों की प्रतिभाएं भी उभरीं
पढ़ाई के मामले में खुद को अव्वल बताने वाले विद्यालयों का मुकाबला करने के लिए सुदूर गांवों में चल रहे स्कूल भी तैयार हो चुके हैं। यह बात यूपी बोर्ड के नतीजों से साबित हो गई है, क्योंकि वरीयता सूची में गांवों के स्कूलों ने भी जगह बनाई है। पहले गिने-चुने स्कूलों के बच्चों को लेकर ही वरीयता सूची में जगह मिलने की उम्मीद रहती थी।
अब मेधावी ऐसे-ऐसे स्कूलों से निकलकर सामने आ रहे हैं, जहां संभावनाएं नजर नहीं आती थीं। इसे स्कूलों की अच्छी पढ़ाई कहें या फिर बच्चों की अपनी मेहनत और पढ़ाई के प्रति बढ़ी रुचि, लेकिन सुदूर गांवों के बच्चों ने भी अपनी मेधा का परचम लहरा दिया है।
न्यू स्टैंडर्ड पब्लिक स्कूल, न्यू आदर्श शिक्षा निकेतन, सरस्वती विद्या मंदिर, विबग्योर पब्लिक स्कूल जैसे विद्यालय तो कई बार वरीयता सूची में जगह बना चुके हैं। इस बार संत इंटरमीडिएट कॉलेज, आदर्श पब्लिक स्कूल, सिद्धार्थ ज्ञानोदय इंटर कॉलेज, एसबीजेएमएस इंटर कॉलेज, अंबर सिंह इंटर कॉलेज, बाबू सिंह इंटर कॉलेज समेत कई विद्यालयों से मेधावियों ने वरीयता सूची में जगह बनाई है, जो ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित होते हैं।
यूपी बोर्ड में 82.45 प्रतिशत बच्चे उत्तीर्ण
वर्ष 2024 की बोर्ड परीक्षा में जिले के 82.45 प्रतिशत परीक्षार्थी उत्तीर्ण रहे। परीक्षा में 70793 छात्र-छात्राएं पंजीकृत थे। इनमें हाईस्कूल के 40083 व इंटर के 30710 परीक्षार्थी शामिल हैं। साढ़े तीन हजार से ज्यादा परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे। जिला विद्यालय निरीक्षक ओमकार राणा ने बताया कि जिले का परीक्षा परिणाम काफी बेहतर रहा। हाईस्कूल के 83.46 प्रतिशत और इंटरमीडिएट के 81.44 प्रतिशत परीक्षार्थी उत्तीर्ण हुए। कई मेधावियों ने यूपी मेरिट में स्थान अर्जित कर राज्य स्तर तक जिले का नाम रोशन किया है। जिला स्तरीय मेरिट लिस्ट में भी मेधावियों की संख्या बढ़ी है।