उत्तर प्रदेश पॉवर कॉर्पोरेशन और अन्य ऊर्जा निगमों ने पहली बार कार्मिकों के लिए उच्च शिक्षा प्रोत्साहन योजना की शुरुआत की है। इसके तहत 8 अभियंताओं को आईआईटी, भारतीय विज्ञान संस्थान (आईआईएससी) जैसे संस्थानों में एमटेक व एमबीए करने की अनुमति दी गई है।
निगम इन अभियंताओं की अधिकतम 20 लाख रुपये तक की शैक्षिक फीस वहन करेगा, साथ ही अध्ययन अवधि में उन्हें सेवा में मानते हुए नियमित वेतन और प्रोन्नति संबंधी लाभ भी दिए जाएंगे।
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उच्च शिक्षा के लिए अभ्यर्थियों का चयन एक समिति द्वारा किया गया है। चयनित कार्मिकों में सहायक अभियंता रजत मोहन यादव, शिवम रावत, दीपक अग्रवाल, शुभम त्यागी, अधिशासी अभियंता हिमांशु साहू, राहुल मौर्या, अनुज कुमार व शोभित श्रीवास्तव शामिल हैं। ये अभियंता आईआईएससी बंगलूरू, आईआईटी रुड़की व दिल्ली टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी व यूनिवर्सिटी ऑफ पेट्रोलियम एंड एनर्जी स्टडीज देहरादून जैसे संस्थानों में एमटेक व एमबीए की शिक्षा ग्रहण करेंगे।
कोर्स करने के बाद अभियंताओं को ऊर्जा निगमों में पांच साल तक कार्य करना अनिवार्य होगा। इसका हलफनामा भी देना होगा।
पॉवर कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष डॉ. आशीष कुमार गोयल ने कहा कि ये सभी लोग प्रतियोगी परीक्षाओं के माध्यम से आये हैं। इनकी योग्यता, क्षमता व कार्य कुशलता में लगातार वृद्धि हो और उसका लाभ कॉर्पोरेशन को मिले, इसके लिये आवश्यक है कि कार्मिकों को समय-समय पर उच्च शिक्षण संस्थानों में प्रशिक्षण दिया जाए। इसके लिए पहली बार यह योजना मंजूर हुई है। गोयल ने कार्मिकों का आह्वान किया है कि वे इस सुविधा का लाभ उठाकर अपनी योग्यता व कार्य कुशलता बढ़ाएं और जिससे इसका लाभ निगम को प्राप्त हो।