लखनऊ। प्रचंड गर्मी के चलते सोमवार को जहां बिजली की मांग का ग्राफ 1275 मेगावाट को पार कर गया, वहीं कई इलाकों में उपभोक्ताओं को बिजली संकट भी झेलना पड़ा। सीतापुर रोड स्थित खदरी क्षेत्र में लगभग 1000 घरों में बीते 24 घंटे से बिजली की आंख मिचौली चल रही है। यहां 25 मिनट बिजली आती है तो एक घंटे गुल रहती है। ऐसे में लोगों को पानी की किल्लत झेलनी पड़ रही है। उपभोक्ताओं ने इंजीनियरिंग कॉलेज उपकेंद्र पर शिकायत भी दर्ज कराई, मगर सोमवार रात आठ बजे तक बिजली आपूर्ति सामान्य नहीं हो सकी थी। इसके विरोध में लोगों ने उपकेंद्र पर हंगामा भी किया।मोहम्मद रिजवान, मोहम्मद राशिद आदि ने बताया कि बिजली संकट का यह सिलसिला बीते रविवार रात आठ बजे से शुरू हुआ जो अब तक बरकरार है। लोग रविवार की रात सो नहीं सके।
मल्हौर में तीन घंटे अंधेरा
चिनहट के लौलाई उपकेंद्र के तहत मल्हौर में बीते रविवार रात को तीन घंटे तक अंधेरा रहा। उपभोक्ताओं ने बताया कि रात करीब 10 बजे बिजली आपूर्ति बाधित हुई। लोगों ने अवर अभियंता के सीयूजी नंबर पर काॅल की पर कोई जवाब नहीं मिला। बिजली संकट के चलते आधी रात करीब एक बजे तक लोग सड़क पर टहलते रहे।
400 घरों में पांच घंटे तक अंधेरा
राजाजीपुरम के सेक्टर एक और बी ब्लाॅक सहित आसपास के 400 घरों में पांच घंटे तक अंधेरा रहा। उपभोक्ताओं ने बताया कि सोमवार दोपहर करीब दो बजे अचानक ट्रांसफार्मर में आग लगने से बिजली ठप हो गई। आग से ट्रांसफार्मर एवं केबल खराब हो गया। शाम चार बजे ट्राॅली ट्रांसफार्मर लगाकर बिजली चालू की गई जो आधे घंटे ही चल सकी। शाम 4:30 बजे बिजली गुल हुई तो रात 9:30 बजे तक बहाल नहीं हो पाई। लोगों ने बताया कि इलाकाई इंजीनियर देर रात तक बंद बिजली को सामान्य करने का दावा करता रहा।