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जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव आज, होगी वीडियोग्राफी

Thu, 07 Jan 2016 01:42 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
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'हमने कोई सुरक्षा नहीं मांगी थी, लेकिन अंबेडकरनगर के डीएम और एसपी ने हमें गनर दे दिए हैं। वे हमारे साथ परछाईं की तरह लगे रहते हैं। असल में वे जासूस हैं और सत्ताधारी पार्टी के उम्मीदवारों को हमसे जुड़ी सूचनाएं दे रहे हैं।
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ये आरोप लगाते हुए अंबेडकरनगर में जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव की प्रत्याशी शोभावती सहित छह प्रत्याशियों ने इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में याचिका दायर की।

शोभावती प्रदेश के पूर्व वित्त मंत्री व बसपा नेता लालजी वर्मा की पत्नी हैं। गुरुवार को होने जा रहे इस चुनाव को लेकर ऐसी ही एक और याचिका में सीतापुर से उम्मीदवार जीतेंद्र यादव ने बताया कि उनका नामांकन खारिज करवाने के लिए सत्ताधारी समाजवादी पार्टी की ओर से कई प्रयास करवाए जा चुके हैं।
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इन याचिकाओं पर तत्काल सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने सीतापुर और अंबेडकर नगर में चुनाव की वीडियोग्राफी करवाने के आदेश दिए हैं। वहीं जबरन गनर देने के आरोप पर अंबेडकरनगर के डीएम, एसपी, डीजीपी, गृह सचिव और निर्वाचन आयोग से जवाब तलब किया था।

सभी 36 जिलों में होगी वीडियोग्राफी

जस्टिस अमरेश्वर प्रताप साही और जस्टिस अताउर रहमान मसूदी की बेंच ने यह आदेश दिया। अदालत ने कहा कि याचिका में लगाए गए आरोपों के मद्देनजर चुनाव प्रक्रिया और वोटिंग की वीडियोग्राफी करवाने की जरूरत है।

कोर्ट की सख्ती के चलते राज्य निर्वाचन आयोग ने अंडरटेकिंग दी कि वे सभी 36 जिलों में इस चुनाव में वीडियोग्राफी करा रहे हैं। हाईकोर्ट ने इससे संतुष्टि जताई अब अगली सुनवाई 12 जनवरी को होगी।

'सादे दस्तावेज पर करवाए जा सकते हैं दस्तख्त
अंबेडकरनगर के याचिकाकर्ताओं ने कहा कि चुनाव के दौरान मतदाताओं से जबरन सादे दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करवाए जा सकते हैं और जबरन हेल्पर दिलाए जा सकते हैं।

उप्र जिला पंचायत (अध्यक्ष व उपाध्यक्ष) नियम 24 (6) के प्रावधान के अनुसार मिलने वाले इन हेल्पर्स का उपयोग वोटिंग के दौरान गलत ढंग से प्रभाव डालने में किया जा सकता है। इस पर अदालत ने कहा कि अंबेडकरनगर के जिलाधिकारी बताएं कि वे इसे रोकने के लिए क्या व्यवस्था करने जा रहे हैं।

सदस्यों पर दबाव बनाने का आरोप

बलरामपुर की उम्मीदवार जगरानी ने मंत्री पंडित सिंह पर सदस्यों पर दबाव बनाकर मनचाही वोटिंग करवाने का आरोप लगाया है। याचिका में आरोप है कि पुलिस इंस्पेक्टर राजकुमार यादव सहयोगियों के जरिए सदस्यों से वोट डलवाने की साजिश रच रहा है। इस पर कोर्ट ने वहां के डीएम और एसएसपी को पाबंद किया।

सपा के खिलाफ लड़ रहा इसलिए कर रहे प्रताड़ित
विधायक रामपाल यादव के पुत्र जीतेंद्र यादव ने याचिका में बताया है कि वे सीतापुर से जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव में उम्मीदवार हैं। उनके पिता किसी और उम्मीदवार के साथ हैं और वह खुद सत्ताधारी पार्टी की मर्जी के खिलाफ जाकर उम्मीदवार बने हैं।

उन्हें लगातार नाम वापस लेने के लिए कहा जा रहा है। इस पर हाईकोर्ट ने अंबेडकर नगर की याचिका पर दिए गए निर्देश सीतापुर के डीएम और एसपी को भी भेजने के लिए कहा है, जिसमें राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा वीडियोग्राफी करवाने और स्वतंत्र व निष्पक्ष चुनावों के लिए निर्देश हैं।
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कोर्ट ने कारण पूछा तो वापस ले लिए गनर

अंबेडकर नगर के डीएम और एसपी से कोर्ट ने लिखित में बताने को कहा था कि उन्होंने बिना मांगे याचिकाकर्ताओं को गनर क्यों मुहैया करवाए हैं? 24 घंटे के भीतर ही एसपी ने इस पर अपना आदेश वापस ले लिया और सफाई दी कि चुनाव आयोग के निर्देश पर उनकी निजी सुरक्षा के लिए गार्ड दिए गए थे।

कोर्ट ने डीजीपी और प्रमुख सचिव गृह को भी नोटिस भेजे थे, जिससे प्रशासन दबाव में आकर पलट गया।
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