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65 लाख रुपये वसूली मामले में बाराबंकी एसपी सतीश कुमार निलंबित, चुनाव आयोग ने दी अनुमति

Thu, 04 Apr 2019 08:08 PM IST
Amulya Rastogi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बाराबंकी
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डॉ. सतीश कुमार - फोटो : amar ujala
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धोखाधड़ी के मामले में विवेचना के दौरान कारोबारी से 65 लाख की वसूली के मामले में बाराबंकी एसपी डॉ. सतीश कुमार को निलंबित कर दिया गया है। एसटीएफ की गोपनीय जांच में एसपी की संलिप्तता का शक जाहिर किया गया था। शासन ने चुनाव आयोग से कार्रवाई के लिए इजाजत मांगी थी। वहां से हरी झंडी मिलते ही उन्हें निलंबित कर दिया गया।

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प्रमुख सचिव गृह अरविंद कुमार के मुताबिक शंकर गायन ने अर्जी देकर बाराबंकी के साइबर क्राइम सेल के पुलिस कर्मियों पर धमकाकर 65 लाख रुपये की वसूली का आरोप लगाया था। शंकर ने अपनी अर्जी में बताया था कि 8 जनवरी को उनकी कंपनी  विश्वास मेगा मार्ट के कार्यालय में साइबर क्राइम सेल के दरोगा अनूप कुमार यादव आए थे।

दरोगा ने कहा, आप कप्तान साहब के कार्यालय में पेपर लेकर आइए और बताइए कि आपकी कंपनी कैसे काम करती है? कंपनी के सारे दस्तावेज लेकर एसपी कार्यालय पहुंचे। एसपी सतीश कुमार ने सारे दस्तावेज देखने के बाद कहा, आप जाइए और जब विवेचना के लिए बुलाया जाएगा तो सहयोग कीजिएगा।
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कर जब वहां से अपने स्टाफ के साथ जाने लगे तो दरोगा अनूप कुमार यादव ने कहा कि आप लोग गिरफ्तार हो गए हैं। 65 लाख रुपये आप लोग दो नहीं तो कंपनी व आपका सारा माल व सामान सीज कर दिया जाएगा।

शंकर के मुताबिक 10 जनवरी को उनके स्टाफ राजू को छोड़ दिया गया और पैसे की व्यवस्था करने के लिए कहा गया। उसी दिन शाम को राजू ने पैसे की व्यवस्था कर दरोगा अनूप को दे दिए। 

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एसटीएफ ने प्रथमदृष्टया आरोपों को सही पाया

मामले की गंभीरता को देखते हुए डीजीपी ओम प्रकाश सिंह ने गोपनीय जांच एसटीएफ को सौंपी। एसटीएफ के आईजी अमिताभ यश ने पहले सीओ और फिर अपर पुलिस अधीक्षक स्तर के अधिकारी से  जांच कराई तो आरोपों को पहली नजर में सही पाया गया।

एसटीएफ ने अपनी रिपोर्ट डीजीपी ओम प्रकाश सिंह को सौंपी और डीजीपी ने 1 अप्रैल को इसे शासन को भेज दिया। शासन ने जांच रिपोर्ट का अध्ययन किया तो पाया कि पूरे प्रकरण में एसपी बाराबंकी डॉ. सतीश कुमार की संलिप्तता से इनकार नहीं किया जा सकता, जिसकी गहन जांच की आवश्यकता है। इस मामले में एसपी को दोषी मानते हुए निलंबित कर दिया गया है।

दरोगा ने लिया एसपी का नाम
सूत्रों की मानें तो एसटीएफ की गोपनीय जांच में दरोगा से भी पूछताछ की गई। दरोगा ने अपने बयान में वसूल किए गए पैसों का एक हिस्सा एसपी सतीश कुमार को देने की बात कही है। हालांकि इस बारे में अधिकारियों ने कुछ भी बोलने से इनकार कर दिया।
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